अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। बिहार प्रदेश उदासीन महामंडल के अध्यक्ष संत बाबा विष्णुदास उदासीन उर्फ मौनी बाबा ने 2 जनवरी को सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित लोकसेवा आश्रम में साधु संतों और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म की रक्षा करनेवालों की रक्षा स्वयं धर्म करता है।
उन्होंने कहा कि हरिहरक्षेत्र में धर्म की रक्षा करने के लिए सनातन समाज के गणमान्य आगे आ रहे हैं।यहां के मंदिरों में भक्त और भगवान का मिलन आरंभ हो चुका है, जिसके कारण मंदिरों में भी चहल पहल है।भक्तों की मंशा भी पूर्ण हो रही है और उन्हें आत्मिक शांति भी मिल रही है।
सोनपुर के लोकसेवा आश्रम स्थित सूर्य एवं शनि मंदिर में आंग्ल नववर्ष पर आयोजित दो दिवसीय महा भंडारा में उपस्थित साधु संतों और भक्तों को संत मौनी बाबा संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर आश्रम में एक एवं 02 जनवरी को 500 से अधिक साधु संतों और श्रद्धालुओं ने महा भंडारा का प्रसाद ग्रहण किया। भगवान सूर्य और शनि देव की आराधना पूजा की। भक्तों ने आश्रम के पुराने मंदिर में भगवान भगेश्वर महादेव, भगवान श्रीहरि विष्णु और माता पार्वती के समक्ष भी माथा टेका।
इस अवसर पर बजरंग बली मंदिर के उदासीन संप्रदायाचार्य भगवान श्रीचंद्र समाधिस्थ संत बाबा राम लखन दास और बाबा राम दास उदासीन की भी आरती की गयी। मौनी बाबा ने कहा कि हरिहर क्षेत्र सोनपुर का सम्पूर्ण भूभाग धर्म क्षेत्र है। यह पवित्र भूमि अब जागृत हो चुकी है। श्रद्धालु भक्तों की दिलचस्पी बढ़ी है और वे जीर्ण शीर्ण मठ मंदिरों का जीर्णोद्धार करवा रहे हैं।
नए मठ मंदिर बन रहे हैं। घाटों का निर्माण किया गया हैं, जिससे हरिहरक्षेत्र में स्नान करने आने वाले भक्तों को कठिनाई नहीं होती। उन्होंने कहा कि लोकसेवा आश्रम नियमित रुप से आश्रम में सेवा और सत्संग की निर्धारित परंपरा का पालन कर रहा है। प्रतिदिन श्रीराम धुन से आश्रम गूंजता रहता है।
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