अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बीते 16 अगस्त की संध्याकालीन बेला में हजारों श्रद्धालुओं ने सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर में भक्ति भाव से पूजा-अर्चना की।
इस दौरान भक्तों ने बाबा हरिहरनाथ के दिव्य बाल कृष्ण स्वरूप का दर्शन किया। यहां हरिहरनाथ मंदिर के अर्चक आचार्य पवन शास्त्री ने आरती की। सम्पूर्ण वातावरण बाबा हरिहरनाथ एवं भगवान श्रीकृष्ण की जयजयकार से गूंज उठा।
अर्चक पवनजी शास्त्री ने बताया कि पुराणों ने श्रीकृष्ण और शिव की शक्तियों और उनके आपसी एक्य भाव को कई तरह से दर्शाया गया है।
श्रीहरि के श्रीकृष्ण के रूप में जन्म जानकर भगवान शिव ने जोगी या साधु का रूप धरकर श्रीकृष्ण के दर्शन को आए थे। भगवान शिव के इष्ट हैं विष्णु और विष्णु के इष्ट शिव। कहीं कृष्ण को शिव का रूप माना गया है, तो कहीं शिव को कृष्ण का भक्त बताया गया है।
राधा कृष्ण मंदिर में लड्डू गोपाल ले रहे झूला का आनंद
बाबा हरिहरनाथ मंदिर से सटे श्रीराधा कृष्ण मंदिर में देर रात जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूम -धाम से मनाया गया। मंदिर के पुजारी सतीश बाबा ने विधि विधान के राधा-कृष्ण, लड्डू गोपाल की आरती और पूजा संपन्न की। भक्तों के बीच प्रसाद वितरित किए गए। इस दौरान अर्द्ध रात्रि में श्रीकृष्ण के इस धरा धाम पर प्रकट होते ही जय कन्हैया लाल की का जय घोष गूंज उठा।
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