विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। गोमियां प्रखंड के हद में हजारी मोड़ मंदिर में आयोजित यज्ञ के अवसर पर प्रवचन के दौरान कृष्ण भक्ति में लीन होकर मंत्रमुग्ध झूम उठे सैकड़ो श्रद्धालुगण। हाथी घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा वातावरण।
जानकारी के अनुसार हजारी मोड़ स्थित शिव मन्दिर प्रांगण में यज्ञ के तीसरे दिन 23 मई की संध्या श्रीकृष्ण जन्म महोत्सव प्रवचन के दौरान श्रद्धालु झूम उठे। कथा में जैसे ही श्रीकृष्ण प्रसंग आया पूरा पंडाल हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल के जयकारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर कथा वाचक अंजना किशोरी ने कहा कि जब श्रीकृष्ण का जन्म कारागार में हुआ तो वासुदेव एवं देवकी की बेडिय़ां अपने आप खुल गईं थी। तब वह रहस्य को उजागर कर रही हैं। यहां प्रभु हमें समझाना चाहते हैं कि आज प्रत्येक जीवात्मा भी जन्म जन्मान्तरों के कार्य बंधन में बंधी है। अच्छे व बुरे कर्मों की जंजीरों में बंधी है।
अंजना किशोरी ने कहा कि एक पूर्ण गुरु के द्वारा ही ईश्वर का प्रकटीकरण संभव हो पाता है। गुरु ही ईश्वर का साक्षात्कार कराकर हमें वह युक्ति प्रदान करते हैं, जिसके द्वारा हम ध्यान साधना में अपने कर्म संस्कारों को काट पाते हैं। जैसे भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा था कि यह ज्ञान अग्नि मैं तेरे भीतर प्रकट कर रहा हूं।
जो तेरे पाप संस्कारों को समाप्त कर डालेगी। जैसे राजा जनक ने स्वप्न में देखा कि वह राजा से रंक हो गए हैं। अगले दिन ही उन्होंने यह सारी स्वप्न घटना अपने गुरु अष्टावक्र को सुनाई, तब उन्होंने कहा कि राजन यह कर्म तुम्हारे जीवन में आना था। मैंने उसे स्वप्न में दिखा कर ही काट दिया है। इसलिए आज प्रत्येक जीवात्मा को भी ऐसे ही पूर्ण ब्रह्मनिष्ठ गुरु की आवश्यकता है, जो उन्हें ब्रह्मज्ञान प्रदान कर ईश्वर का साक्षात्कार करा सकें।
मौके पर प्रशांत कुमार सिन्हा, नरोत्तम प्रसाद, शिव शंकर दुबे, सुधीर कुमार सिंह, सुदामा राणा, शशि कुमार रजक, राहुल कुमार, कृष्ण कुमार, मनदीप कुमार, रेनू देवी, ज्योति कुमारी, रोशनी कुमारी, नीतू कुमारी, साक्षी कुमारी, भुनेश्वर प्रजापति, अमित कुमार मिश्रा, दीपक कुमार, प्रकाश मिश्रा, सुभाष मिश्रा, राहुल कुमार सहित दर्जनों गणमान्य मौजूद थे।
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