एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। बीते 3 फरवरी के देर रात से रुक रुक कर हो रही बारिश रबी फसल जैसे गेहूं, मक्का, तोड़ी, तम्बाकू आदि फसलों के लिए वरदान साबित हो सकती थी, लेकिन सरकार एवं प्रशासन (Government and Administration) द्वारा किसान विरोधी रवैये के कारण इसका किसानों को कोई लाभ मिलता नजर आ रहा है।
जब रबी की बुवाई चल रही थी, उस समय भी सरकार एवं प्रशासन की लापरवाही के कारण बाजार से डीएपी (DAP) गायब था। किसानों द्वारा किसी तरह ऊंचे मूल्य पर डीएपी समेत अन्य फास्फेटिक खाद की व्यवस्था कर रबी फसल की बुवाई की गयी।
ज्ञात हो कि पोटाश जो हर फसल के लिए अमृत के समान है, किसान उसका नाम भी अब भूलने लगे हैं। अब बारिश के बाद यूरिया खाद की सबसे ज्यादा जरुरत है। ऐसे में बाजार से यूरिया खाद पूरी तरह गायब है।
इस आशय की जानकारी देते हुए अखिल भारतीय किसान महासभा ताजपुर के प्रखंड अध्यक्ष ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह ने सरकार एवं प्रशासन के इस किसान विरोधी रवैया पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य की डबल इंजन सरकार किसानों को ससमय खाद तक उपलब्ध नहीं करवा रही है।
अगर एक दो दिन के अन्दर किसानों को यूरिया खाद उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो अखिल भारतीय किसान महासभा के बैनर तले चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा।
साथ ही ताजपुर बाजार एवं प्रखंड क्षेत्र के बीचों बीच अवस्थित होने के कारण अधिकाधिक खाद बाजार क्षेत्र में उपलब्ध कराने की मांग प्रखंड कृषि पदाधिकारी ताजपुर से की है, ताकि सभी किसानों को सुगमता से खाद मिल सके।
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