संक्रमण के रोकथाम में सफाई मित्रों की भूमिका अति महत्वपूर्ण-उपायुक्त
एस.पी.सक्सेना/देवघर (झारखंड)। जिला उपायुक्त (District Deputy Commissioner) की अध्यक्षता में 31 मई को वीडियो कोंफ्रेंसींग के माध्यम से देवघर नगर निगम व मधुपुर नगर परिषद के सफाई मित्र, कर्मचारियों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन परिचर्चा सह बैठक का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त ने सभी से बातचीत कर कोविड वैक्सिन के प्रथम डोज, द्वितीय डोज के साथ कोविड नियमों के शत प्रतिशत अनुपालन की स्थिति से अवगत हुए। मौके पर सफाई कर्मचारियों ने अपने-अपने विचार व सुझाव उपायुक्त के समक्ष रखा। साथ हीं स्वच्छता व कोरोना संक्रमण के रोकथाम अभियान में शत प्रतिशत अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की बात कही।
बैठक के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आप सभी सफाई मित्र व कर्मचारी हमारे समाज के आधार स्तम्भ हैं। जिस प्रकार आप सभी ने कोरोना काल में अपने कर्तव्यों का निवर्हन किया है वो वाकई काबिले तारीफ व सराहणीय है। ऐसे में आप सभी से आग्रह होगा कि कोरोना काल के अलावा जिले को स्वच्छ व सुंदर रखने में आप सभी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में कोरोना वायरस के रोकथाम में स्वास्थ्य कर्मियों व सफाई कर्मियों की ओर से किये जा रहे कार्य और योगदान का समाज सदैव ऋणी रहेगा।
वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान उपायुक्त ने कहा कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण के मामलों को लेकर सभी को सतर्क व सावधान रहने की जरूरत है। अपने स्तर से लोगों को कोविड वैक्सिनेशन व कोरोना संक्रमण के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। उपायुक्त ने देवघर नगर निगम क्षेत्र व मधुपुर नगर परिषद क्षेत्र को स्वच्छ, स्वस्थ्य व सुंदर बनाने के उदेश्य से विभिन्न बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए प्रजेंटेशन के माध्यम से आवश्यक बिंदुओं से सभी को अवगत कराया। उपायुक्त ने इंदौर नगर निगम द्वारा सफाई व कचरा प्रबंधन को लेकर किये जा रहे कार्यों की जानकारियों से सभी को अवगत कराते हुए कहा कि इंदौर कभी आम शहरों की तरह हुआ करता था। आज वह देश में एक खास पहचान बना चुका है। बीते तीन सालों से देश का सबसे स्वच्छ शहर बना हुआ है। इंदौर में यह अचानक नहीं हुआ है। सभी के सामुहिक सहयोग और लोगों ने दिल और दिमाग से स्वच्छता को अपनाया है। उसका नतीजा सबके सामने है। ऐसे में आवश्यक है हम सभी अपने-अपने स्तर से साफ-सफाई की ओर एक कदम बढ़ाते हुए इस दिशा में बेहतर कार्य करें, ताकि देवघर जिला को स्वस्थ, सुंदर और स्वच्छ बनाया जा सके।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने साफ-सफाई के प्रति लोगों को जागरूक करने के उदेश्य से कहा कि वर्तमान में आवश्यक है कि साफ-सफाई को लेकर सोंच को साकारात्मक बनाया जाय। इसी प्रकार अपने व्यवहार में सभी बदलाव लाएं। जिस प्रकार हम अपने घर में साफ-सफाई रखते है। उसी प्रकार बाहर में भी हमें व्यवहार अपनाने की आवश्यकता है, ताकि जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। ऐसे में आप सभी से भी मेरा आग्रह होगा कि साफ-सफाई के साथ लोगों को अपने स्तर से जागरूक करें।
बैठक के दौरान उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बरसात के मौसम को देखते हुए कहा कि डेंगू, चिकनगुनिया व मलेरिया जैसी बीमारियों के रोकथाम को लेकर आप सभी की भूमिका और भी बढ़ जाती है। ऐसे में एण्टी लार्वा केमिकल का छिड़काव शहर के विभिन्न स्थानों के साथ जल जमाव वाले क्षेत्रों में किया जाय। इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाय। डेंगू के लक्षणों के साथ यह बात ध्यान देने वाली है कि कई रोग और अन्य बुखार आदि के लक्षण भी डेंगू से मिलते जुलते हो सकते हैं। कभी-कभी रोगी में बुखार के साथ सिर्फ 1-2 लक्षण होने पर भी डेंगू पॉजिटिव आ सकता है, इसलिए सभी लक्षणों का इंतजार नहीं करना चाहिए। यदि बुखार 1-2 दिन में ठीक न हो तो तुरंत डॉक्टर के पास जाकर चेक-अप करवाना चाहिए।
बैठक के दौरान उपायुक्त भजंत्री ने कहा कि कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है। बस कोविड नियमों का शत प्रतिशत अनुपालन करते हुए सावधान व सतर्क रहने की जरूरत है। एहतियात बरतते हुए स्वयं को एवं अपने परिवार को सुरक्षित रखें। उनके द्वारा कहा गया कि कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार के अफवाहों पर ध्यान न दे और न हीं घबराएँ या पैनिक हों। सभी लोग अपने स्तर से हरसंभव एहतियात बरतें, ताकि कोरोना के प्रसार पर रोक लगाया जा सके। वीडिया कान्फ्रेसिंग के दौरान उपायुक्त ने सफाई मित्रों व कर्मियों से बात करते हुए आयुष्मान भारत योजना की जानकारियों को साझा करते हुए कहा कि योजना के तहत कमजोर वर्ग के लोगों को हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा मिलती है। आयुष्मान भारत योजना या प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भारत सरकार की एक स्वास्थ्य योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों खासकर बीपीएल धारकों को हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम मुहैया कराना है। इस योजना के अन्तर्गत आने वाले प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये तक का कैशरहित स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जा रहा है। आयुष्मान भारत योजना (ABY) का लाभ, गरीब, वंचित ग्रामीण, शहरी श्रमिक और आर्थिक रूप से बेहद कमजोर शहरी परिवार इस योजना के पात्र हैं। दरअसल, 2011 में की गई सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (SECC-2011) के डेटाबेस में जिन व्यक्तियों के नाम मौजूद हैं, वे खुद-ब-खुद आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के पात्र हैं। उन्हें ही इसका फायदा मिलेगा। PM-JAY का लाभ लेने के लिए परिवार के आकार या उम्र की कोई सीमा तय नहीं की गई है। योजना के लाभ पूरे देश में कहीं भी लागू किया जा सकता है। इस योजना के अंतर्गत आने वाले लाभार्थी को देश भर के किसी भी सार्वजनिक या निजी अस्पताल से कैशलेस (बिना पैसे दिये) लाभ लेने की अनुमति होगी। आयुष्मान योजना के लिए जरूरी कार्ड को ई-कार्ड कहा जाता है। अगर आप इस योजना के पात्र हैं तो ऐसे में अपने परिवार के सभी सदस्यों का ई-कार्ड जरूर बनवा लें। यह कार्ड आप अपने नजदीकी किसी भी रजिस्टर्ड सरकारी या प्राइवेट अस्पताल या कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाकर बनवा सकते हैं। रजिस्टर्ड सरकारी या प्राइवेट अस्पताल की लिस्ट वेबसाइट pmjay.gov.in पर देख सकते हैं। बैठक में नगर आयुक्त शैलेन्द्र कुमार लाल, कार्यपालक दण्डाधिकारी मधुपुर नगर परिषद सुशील कुमार, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी रवि कुमार, जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी, सहायक जनसम्पर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी एवं संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मी आदि उपस्थित थे।
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