एस.पी.सक्सेना/देवघर(झारखंड)। देवघर जिला उपायुक्त (Deoghar district deputy commissioner) मंजूनाथ भजंत्री द्वारा 7 जनवरी को बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग, कृषि, वन विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ सतर्क व सावधान रहने का निर्देश दिया गया है। साथ हीं कहा कि जिले के सभी पोल्ट्री फार्म एवं घरेलू पँक्षी (Domestic birds) यथा कबूतर, मूर्गा एवं बत्तख आदि के सम्पर्क में आने वाले मरीजों/व्यक्तिओं के प्रति विशेष सतर्कता और निगरानी करने की आवश्यकता है।
उपायुक्त ने देवघर जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण के साथ-साथ बर्ड फ्लू को लेकर सावधानी ही परिवार को सुरक्षित रख सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वर्तमान में संबंधित विभागों के अधिकारियों को उपायुक्त ने रैपिड एक्सन टीम का गठन करते हुए पीपीई किट, जरूरी कैमिकल और जेसीबी मशीन की उपलब्धता पूर्व से हीं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा जिला पशुपालन पदाधिकारी को अपने स्तर से प्रतिदिन खैरियत प्रतिवेदन, निदेशक पशु, स्वास्थ्य एवं उत्पादकता संस्थान कांके को भेजना सुनिश्चित करते हुए प्रत्येक माह बर्ड फ्लू का नमूना निदेशक पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादकता संस्थान को भेजना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
*बर्ड फ्लू के लक्षण*
लक्षण होने पर धीरे-धीरे बुखार, नाक से खून निकलना। लगातार कफ आना। नाक बहना, सिर में दर्द, बदन दर्द, पेट के निचले हिस्से में दर्द, गले में सूजन और खराश होना। उल्टी और दस्त, सांस लेने में समस्या, इंफेक्शन, आंख आना आदि बर्ड फ्लू के लक्षण है।
*बर्ड फ्लू से बचाव*
मरे हुए पक्षियों से दूर रहें। बर्ड फ्लू प्रभावित क्षेत्रों में नॉनवेज न खाएं। मास्क पहनकर मुंह और नाक को ढंकें। लक्षण मिलने पर तुंरत डॉक्टर की सलाह लें। हाथ धोएं, खासकर खाने से पहले। इसके अवाले कबूतर, मूर्गी, कौवा आदि पक्षियों की खतरनाक बीमारियों पर अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय एवं स्वास्थ्य केन्द्र पर सम्पर्क कर सकते है।
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