एस.पी.सक्सेना/सरायकेला-खरसाँवां(झारखंड)। समाहरणालय स्थित सभागार में 15 जनवरी को सरायकेला-खरसाँवां जिला उपायुक्त इकबाल आलम अंसारी (District deputy commissioner Alam ansari) की अध्यक्षता में जिला बाल संरक्षण समिति सह चाइल्ड लाइन एडवाइजरी बोर्ड की बैठक आयोजित किया गया। मौके पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।
कार्यक्रम के अवसर पर जिला समाज कल्याण पदाधिकारी संध्या रानी द्वारा जिला बाल संरक्षण समिति एवं चाइल्डलाइन एडवाइजरी बोर्ड के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया गया। उन्होंने बताया कि चाइल्डलाइन एक राष्ट्रीय, 24 घंटे देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए आपातकालीन टोल फ्री फोन सेवा है। कोई भी बच्चा या संबंधित वयस्क इस सेवा का उपयोग करने के लिए 1098 डायल कर सकता है।
उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने स्तर से बाल संरक्षण के प्रति गंभीर दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है। इसके लिये बाल अधिकारों एवं बाल संरक्षण मुद्दों पर विस्तृत रूप से लोगों को जानकारी देनी चाहिए। साथ ही कठिन परिस्थितियों में फंसे बच्चों की सहायता के लिए संवेदनशील होकर कार्य करने की आवश्यकता है। ताकि ससमय उनकी सहायता कर उनका बेहतर रूप से विकास सुनिश्चित किया जा सके।
संध्या रानी ने बताया कि समेकित बाल संरक्षण योजना बच्चों के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है। बच्चे को अच्छे वातावरण एवं अच्छे विकास का रूप देना बाल विवाह, बाल श्रम एवं वैसे बच्चे जिन्हें देखभाल एवं सुरक्षा की आवश्यकता है उन्हें संरक्षण देना ही योजना का मुख्य उद्देश्य है।
कार्यक्रम में जुवेलाइन जस्टिस एक्ट, जुवेलाइन जस्टिस बोर्ड एवं विशेष किशोर पुलिस इकाई के बारे में विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए सभी सदस्यों को जानकारी दी गई। इसके तहत 0 से 6, 6-12, 12- 18 वर्ष के बच्चो के बीच की व्यावहारिकता तथा उनके संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों एवं एक्ट बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई I
इस दौरान डीसीपीओ संतोष कुमार ठाकुर ने इंस्टिट्यूशन होम्स के बारे में बताया। जिसमें ओपन शेल्टर होम, चिल्ड्रन होम, ऑब्जरवेशन होम्स, एसएए होम्स, एसपीएल होम्स एवं आफ्टर केयर होम के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दिया। उपायुक्त अंसारी ने कहा कि योजना को इंप्लीमेंट करने हेतु केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम संचालित की जा रही हैं। उपलब्ध साधन एवं सुविधा से बेहतर कार्य करें। निर्धारित होम्स का संबंधित पदाधिकारी औचक निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि बच्चों को नशे से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले हानिकारक कुप्रभाव के बारे में बताएं तथा उन्हें विभिन्न माध्यमों से शिक्षा से जोड़े। इसके लिए विभिन्न माध्यमों से जागरूकता कार्यक्रम, प्रशिक्षण कार्यक्रम, गार्डनिंग, सगीत एवं रंगोली प्रतियोगिता जैसे कार्यक्रम कर उन्हें मोटिवेट करें। बच्चों में इच्छानुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम (वोकेशनल कोर्स) को महत्वता दें। जिससे वह कुछ सीख सकेI गांव स्तर पर नशा करने वाले छात्रों को चिन्हित करें। शिक्षा से वंचित छात्रों को चिन्हित कर विद्यालय में नामांकन कराना सुनिश्चित करें I सभी सदस्य अपने संबंधित क्षेत्रों में ऐसे छात्रों एवं महिलाओं को भी चिन्हित करें जो पीड़ित या प्रताड़ित हो रही हो। उन्हें नियमानुसार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करें I
कार्यक्रम में अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला राम कृष्ण कुमार ने कहा कि सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं संबंधित पदाधिकारी पंचायत स्तर पर आयोजित ग्राम सभा में बच्चों एवं महिलाओ के हित में किए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी साझा करें। साथ ही साथ विभिन्न विभाग अंतर्गत संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी ग्रामसभा में उपस्थित सदस्यों को दें। जिससे विभिन्न योजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधि के साथ साथ आम जनो को भी होंगी I सुपात्र लाभुकों को लाभान्वित करना कार्यक्रम का मुख्य उदेश्य हो। कार्यक्रम में अपर उपायुक्त सुबोध कुमार, पीएमजेजेबी अर्चना मिश्रा, पुलिस उपाधिक्षक सरायकेला चंदन कुमार वत्स, अनुमंडल पदाधिकारी राम कृष्ण कुमार, आदित्यपुर नगर निगम महापौर समेत सभी सम्बंधित सदस्यगण उपस्थित थे।
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