अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने 25 नवंबर को सारण जिला के हद में सोनपुर के एशिया प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र मेला का दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया। उद्घाटन के साथ ही 32 दिवसीय हरिहरक्षेत्र सोनपुर मेला का शुभारंभ हो गया।
जानकारी के अनुसार मेला स्थित पर्यटन विभाग के मुख्य पंडाल में संध्या 7 बजे उप मुख्यमंत्री यादव मेला पहुंचे। समारोह की अध्यक्षता बिहार सरकार के मंत्री सुमित कुमार सिंह कर रहे थे।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने उपस्थित जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सोनपुर उनके पिता राजद सुप्रीमों लालू प्रसाद की कर्म भूमि है। उन्होंने स्वयं अपनी ओर से सभी को शुभकामनाएं भेजी हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी अच्छे और अनुशासित ढंग से मेला का लुत्फ उठाइए। उन्होंने मेला को सजाने में सभी विभागों की मेहनत को सराहा।
उन्होंने कहा कि मुगल के जमाने से यहां पशु मेला लगता आ रहा है। इसे और विकसित और बड़ा बनाने की जरूरत है।पर्यटन की दृष्टि से भी उन्होंने स्थानीय रहिवासियों से मेला में आनेवाले यात्रियों, व्यवसायियों और तीर्थयात्रियों को बढ़िया ढंग से मेहमानवाजी करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व एवं लालू यादव के आशीर्वाद से डेढ़ साल होने जा रहा है। इस दौरान कई ऐतिहासिक निर्णय सरकार ने किए, जिसे देश की किसी और सरकार ने नहीं किया।
उप मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन ने देश में जाति जनगणना की मांग की। केंद्र सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी। तब बिहार में सरकार ने स्वयं जाति आधारित गणना करवाई। यह इसलिए कराया गया कि समाज में अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति को उसका फायदा और हक मिल सके।
समाज में अंतिम पायदान पर खड़ा व्यक्ति के लिए योजना बनाने के लिए कास्ट सर्वे हुआ जिससे पता चला कि 94 लाख परिवार गरीबी रेखा से नीचे हैं। जिनकी आय 6 हजार से भी नीचे है। इसमें सवर्ण, पिछड़ा, अति पिछड़ा, अनुसूचित जाति/जनजाति सभी शामिल हैं।
उन्होंने मुजफ्फरपुर में केंद्रीय गृहमंत्री अमित साह द्वारा एक सभा में जाति आधारित सर्वेक्षण में यादवों की जनसंख्या बढ़ाने के आरोप को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि उनकी सरकार सामाजिक न्याय के साथ आर्थिक न्याय की भी सरकार है। मैने एक ईसाई धर्म की लड़की से शादी की है।
अप्रत्यक्ष रुप से भाजपा पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि झूठ बोलना उन लोगों का काम है। सीएम नीतीश तो कुर्मी जाति से आते हैं तो उन्होंने अपनी जाति की संख्या क्यों नहीं बढ़ाया। उन्होंने कहा कि 94 लाख गरीब परिवार को राज्य सरकार जमीन खरीदने के लिए तथा पक्का मकान बनाने के लिए रुपया देगी।
इस पर राज्य सरकार ढाई लाख करोड़ रुपया खर्च करेगी। इसके लिए केंद्र से विशेष राज्य का दर्जा की मांग की जा रही है। बिहार में लगातार शिक्षकों की बहाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम नौकरी बांट रहे हैं।
कलम बांटने वाले हैं और वे तलवार बांटनेवाले हैं। मेरी सरकार चटपट वाली सरकार है। जो कहती है झट कर देती हैं। पांच साल में दस लाख नौकरी का प्रण पूरा कर लेंगे। उन्होंने कहा कि दिन भर घंटा बजाने से कुछ नहीं होगा। मेहनत करनी पड़ेगी।
समाज के हित के लिए काम करनी पड़ेगी। उन्होंने बिहारवासियों का आह्वान किया कि कमजोर वर्गों को सीने से लगाकर रहिए। दंगा फसाद वालों से दूर रहिए। शांति और अनुशासित होकर मेला का लुत्फ उठाइए।
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