झारखंड से सटे बिहार के जिलों में क्रिटिकल मिनरल प्राप्ति के लिए होगा सर्वे-दुबे
सोनपुर मेला में पहली बार लगाया गया कोयला एवं खान विभाग की प्रदर्शनी
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने 19 नवंबर को सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला में कहा कि झारखंड से सटे बिहार के जिलों में विभिन्न प्रकार के क्रिटिकल मिनरलों का पता लगाने के लिए उन्होंने विभागीय सर्वे का निर्देश दिया है।
सोनपुर मेला में लगी विभागीय प्रदर्शनी का उन्होंने बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के साथ संयुक्त रूप से उद्घाटन करने के पश्चात आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उपरोक्त बातें कहीं।
उन्होंने कहा कि अगले वर्ष से और भव्य प्रदर्शनी उनका विभाग लगायेगा। उन्होंने मेले को ऐतिहासिक और खास बताते हुए कहा कि पहली बार कोल एवं खान राज्य मंत्रालय का स्टॉल लगाया गया है। इसे और अच्छा व् बेहतर करने का प्रयास किया गया है। हर साल निरंतर प्रयास रहेगा कि अच्छा और बेहतर प्रदर्शनी लगे। आने वाले समय में हमारे बच्चे यहां मेले में आकर देखेंगे कि माइनिंग और खनन कैसा होता है? माइनिंग कितना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि हमने अपने विभाग को निर्देश दिया है कि जो भी जिला झारखंड से सटा है, वहां सर्वे कराया जाए। कौन सा क्रिटिकल मिनरल कहां है, इसका सर्वे कर पता लगाया जाए। कहा कि बिहार इन सब चीजों से अबतक वंचित था। उन्होंने बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके द्वारा अच्छा और बेहतर कोशिश की जा रही है। क्या कुछ बेहतर हम लोग माइनिंग के लिए अच्छा से अच्छा कर सकते हैं।
इसका उनके द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहा है। कहा कि प्रदर्शनी में स्टाल तकनीक का उपयोग करके वर्चुअल रियलिटी के माध्यम से कोयला ख़ान में होने वाली गतिविधियों को देखा जा सकता है।साथ ही क्रिटिकल मिनेरल्स को भी वीआर के माध्यम से दिखाया जाएगा।
कोयला और खान क्षेत्र की अन्य उपलब्धियों का प्रदर्शन, कोयला और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में भारत सरकार द्वारा की गई कार्यों की उपलब्धियों और नवीनतम प्रौद्योगिकियों को जनता के समक्ष प्रस्तुत करना है। इसमें कोयला खनन, उसके पर्यावरणीय प्रबंधन, खनिजों के सतत उपयोग और इस क्षेत्र में किए गए विकासात्मक कार्यों की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि मेले में आने वाले पर्यटक इस स्टॉल पर आकर कोयला और खान मंत्रालय की योजनाओं, विभिन्न खनिजों की उपयोगिता और इससे जुड़े रोजगार के अवसरों के बारे में जान सकेंगे। इसके अलावा इस स्टॉल पर डिजिटल माध्यम से जानकारी दी जाएगी, जिसमें खनिज संसाधनों के उपयोग और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने के प्रयासों पर प्रकाश डाला जाएगा।
इस पहल से स्थानीय युवाओं में कोयला और खनन क्षेत्र में रोजगार के अवसरों के बारे में जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही, यह स्टॉल पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खनन प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि सोनपुर मेला हमारी संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। इस मेले में कोयला और खान मंत्रालय का स्टॉल लगाना हमारे क्षेत्र की क्षमता को आमजनों तक पहुंचाने का एक अनूठा अवसर है। यह न केवल मंत्रालय की उपलब्धियों को प्रदर्शित करेगा बल्कि आमजनों को जागरूक भी करेगा कि कैसे हमारे खनिज संसाधन का देश की आर्थिक प्रगति में योगदान है।
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