गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाहियों के कारण वैशाली जिले में पिछले एक सप्ताह में डेंगू के मरीजों की संख्या में पिछले वर्षों की अपेक्षा ज्यादा फैलाव हुआ है। जिला के हद में गांव देहात से भी डेंगू के मरीज इलाज के लिये जिला मुख्यालय हाजीपुर और बिहार की राजधानी पटना की ओर भाग रहे हैं।
जानकारी के अनुसार सबसे खराब हालात वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर शहर की बनी हुई है।हाजीपुर शहर का सबसे व्यस्ततम इलाका स्टेशन रोड, अनवरपुर औऱ गांधी आश्रम मुहल्ले के घर में डेंगू के मरीज भरें परे है। जिला सदर अस्पताल में डेंगू मरीज के इलाज की व्यवस्था है, लेकिन मरीज बेहतर इलाज के लिये निजी अस्पतालों में ज्यादा जा रहे हैं।
ज्ञात हो कि, पिछले वर्ष भी हाजीपुर शहर में डेंगू का फैलाव था। तब बिलीचिंग पाउडर, चुना औऱ फॉगिंग मशीन से कुछ सामाजिक युवकों द्वारा छिड़काव किया गया था। जबकि, इस बार नगरवासियों को नगरपालिका के भरोसे रहना पड़ रहा है। पूरे शहर में यत्र तत्र कचरा और जहां तहां जल जमाव की स्थिति है।
सबसे खराब स्थिति रामाशीष चौक से स्टेशन तक तथा स्टेशन क्षेत्र अनवरपुर वार्ड क्रमांक 23 की है, जहाँ वार्ड पार्षद की उदासीनता की वजह से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव नही किया जा सका है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार वैशाली जिले में अब तक डेंगू के लगभग 50 मरीज हैं। लेकिन, एक अनुमान के अनुसार सिर्फ स्टेशन क्षेत्र में हीं सैकड़ों डेंगू से पीड़ित मरीज हैं जो घर पर या निजी डॉक्टर के अस्पताल में इलाजरत हैं।
इस बार डेंगू से मरीज के मरने की भी सूचना प्राप्त हो रही है। वार्ड क्रमांक 23 के डाक बंगला के पास के एक चाय दुकानदार के युवा पुत्र मुकेश चन्द्र की पिछले दिनों डेंगू की वजह से पटना के एक अस्पताल में मौत हो गई।
युवा मुकेश चन्द्र एक सामाजिक युवक था, जिसने कई बार अपना रक्तदान कर दुसरो को जीवनदान दिया था। जानकारी के अनुसार डेंगू की रोकथाम के लिये नगर परिषद हाजीपुर द्वारा अपने सीमित साधनों से कुछ मोहल्लों में फॉगिंग का कार्य कराया जा रहा है जो नाकाफी है।
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