प्रहरी संवाददाता/समस्तीपुर। तीनों कृषि कानून समेत बिजली विधेयक 2020 वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली की सीमा पर जारी किसान आंदोलन के 6 महीने पूरा होने पर अखिल भारतीय किसान महासभा के कार्यकर्ताओं ने समस्तीपुर जिला (Samastipur district) के हद में ताजपुर प्रखंड के मोतीपुर वार्ड-10 में 26 मई को धरना- प्रदर्शन किया। यहां अपने-अपने सिर पर काली पट्टी बांधे तीनों कृषि कानून वापस लेने, एमएसपी को कानूनी दर्जा देने, कोविड से लड़ाई हेतु देश के सभी अस्पतालों का राष्ट्रीयकरण करने की मांगों से संबंधित नारे लिखे तख्तियां लेकर भाजपा के मोदी- शाह सरकार के खिलाफ किसान नारेबाजी कर रहे थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता किसान महासभा के ताजपुर प्रखंड अध्यक्ष ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने किया। जबकि हित नारायण सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, बासुदेव राय, शंकर सिंह, रवींद्र प्रसाद सिंह समेत अन्य पशुपालक एवं सब्जी उत्पादक किसानों ने लाकडाउन का पालन करते हुए धरना- प्रदर्शन में भाग लिया। मौके पर अपने अध्यक्षीय संबोधन में किसान नेता ब्रहमदेव प्रसाद सिंह ने कहा कि मोदी- शाह सरकार पूर्णतः किसान विरोधी सरकार है। पहले से ही फटेहाल किसान को डीजल, पानी, बिजली, खाद, बीज, कृषि संयत्र, केसीसी आदि में अनुदान देने के बजाय इन चीजों को कॉरपोरेट घराने को सौंपकर किसानों का शोषण कर रही है। आज किसानों का सब्जी, गेहूं, मक्का, पशुपालकों का दूध औने- पौने दाम में खरीदकर बाजार के हवाले कर कभी सरसों तेल 2 सौ रूपये किलो तो कभी प्याज- दाल सौ पार करा दिया जाता है। मोदी सरकार अपने हठधर्मीता पर रहकर दिल्ली की सीमा पर संघर्षरत हजारों किसानों की जिंदगी को दांव पर लगा दिया है। सरकार अविलंब तीनों कृषि कानून रद्द कर किसान आंदोलन समाप्त कराए। भाकपा माले प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने दिल्ली किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए मोदी सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की मांग को अक्षरशः मानकर आंदोलन समाप्त कराएं अन्यथा किसान आंदोलन की तपिश में उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार को सत्ता से बेदखल होना पड़ेगा।
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