प्रहरी संवाददाता/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर स्थित लोक सेवा आश्रम परिसर में एक अप्रैल को सोनपुर अनुमंडल का 35वां स्थापना दिवस समारोह मनाया गया। समारोह की अध्यक्षता बिहार प्रदेश उदासीन महामंडल के अध्यक्ष सह लोक सेवा आश्रम सोनपुर के महंत संत विष्णुदास उदासीन उर्फ मौनी बाबा ने किया।
इस मौके पर संत मौनी बाबा सहित अनुमंडल स्थापना में भागीदारी निभानेवाले व्यक्तियों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन ई. प्रभात रंजन ने किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में मौनी बाबा ने सोनपुर अनुमंडल की स्थापना का जिक्र करते हुए कहा कि स्थापना के बाद हरिहरक्षेत्र सोनपुर के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ, जो अब धरातल पर दिखने लगा है। उन्होंने हरिहर क्षेत्र की महत्ता पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डालते हुए सरकार से सोनपुर को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने की मांग की।
अनुमंडल की स्थापना के लिए आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले विश्वनाथ सिंह अधिवक्ता ने अनुमंडल स्थापना के लिए किए गए कार्यों की चर्चा करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद की इसमें महत्ती भूमिका रही। यह उन्हीं की देन है। अधिवक्ता अभय कुमार सिंह ने कहा कि लंबी लड़ाई लड़ने के बाद एक 1991 को सोनपुर प्रखण्ड को अनुमंडल का दर्जा मिला। अनुमंडल उद्घाटन के अवसर पर खुले मंच से तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा था कि एक साल के अन्दर अनुमंडल स्तर के सभी कार्यालय खोल दिये जायेगें।
लेकिन अफसोस की बात है कि अब तब बिहार में कई मुख्यमंत्री, मंत्री आदि आए और गये लेकिन अनुमंडल स्तर के ट्रेजरी, पोस्टमार्टम गृह तथा जेल आज तक नहीं बना। पत्रकार संजीत कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि अनुमंडल बनाने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद, पूर्व मुख्य मंत्री रामसुंदर दास, अधिवक्ता विश्वनाथ सिंह, अवध किशोर शर्मा, तत्कालीन विधायक राज कुमार राय, स्व.वीरेंद्र वर्मा, महेश यादव, ब्रज किशोर शर्मा सहित सैकड़ों गणमान्य जनों ने धरना -प्रदर्शन करते हुये सोनपुर को अनुमंडल का दर्जा दिलाने की मांग की थी।
उन्होंने कहा कि कुछ बुद्धिजीवियों ने तत्कालीन एसडीओ सुनील कुमार एवं डीएसपी अंजनी कुमार से आग्रह किया तो उन्होंने 33वां स्थापना दिवस अपने स्तर से बाबा हरिहरनाथ मंदिर प्रांगण में मनाया था । उन्होंने ही आश्वासन दिया था कि अब हर साल सरकारी स्तर पर अनुमंडल स्थापना दिवस मनाया जाएगा, लेकिन उपरोक्त दोनों का स्थानांतरण हो गया। उसके बाद से नहीं मनाया जा रहा है।
वही ई.प्रभात रंजन ने कहा कि राज्य के अन्य अनुमंडल की ओर देखें तो उनका स्थापना दिवस धूमधाम से सरकारी स्तर पर मनाया जाता है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी होता है, लेकिन सोनपुर प्रशासन की इच्छा शक्ति की कमी के कारण इस वर्ष भी सरकारी स्तर पर सोनपुर अनुमंडल का स्थापना दिवस नहीं मनाया गया। उन्होंने सोनपुर अनुमंडल को जनहित में जिला का दर्जा देने की भी सरकार से मांग की। पंकज सिंह परमार ने कहा कि सोनपुर अनुमंडल को जिला का दर्जा अब तक मिल जाना चाहिये था। चुकि बिहार में कई स्थान को जिला का दर्जा दे दिया गया है जिसका अस्तित्व सोनपुर के सामने लघु है।
समाजसेवी लालबाबू पटेल ने कहा कि हरिहर क्षेत्र सोनपुर जिला का दर्जा इसलिए भी प्राप्त करने का अधिकार रखता है कि यहां प्रतिवर्ष विश्व प्रसिद्ध पशु मेला लगता है। मौके पर जेपी मुवमेंट के सेनानी धर्मनाथ शर्मा, अरविंद कुमार राय शिक्षक ने भी सोनपुर अनुमंडल स्थापना पर अपने विचार व्यक्त किए।
अवसर पर सतन शर्मा, नितेश सिंह, कुंदन सिंह, वैभव सिंह, शिक्षक अरविन्द कुमार राय, दीपक कुमार सहित दर्जनाधिक गणमान्य मौजूद रहे। अंत में ई. प्रभात रंजन द्वारा अनुमंडल स्थापना में भागीदारी निभानेवाले विश्वनाथ सिंह अधिवक्ता, सोनपुर अनुमंडल अधिवक्ता संघ के महासचिव अभय कुमार सिंह को अंग वस्त्र से सम्मानित किया गया।
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