समीक्षा में दिघवारा सबसे कम उपलब्धि वाला प्रखंड के रुप में चिन्हित
प्रहरी संवाददाता/सारण (बिहार)। सारण के जिलाधिकारी अमन समीर की अध्यक्षता में जिला मुख्यालय छपरा स्थित समाहरणालय में 13 अगस्त को समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।
संपन्न समीक्षा बैठक में ग्रामीण विकास से संबंधित (मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण आदि) योजनाओं की समीक्षा में पाया गया कि इस वर्ष सितंबर माह तक के लिये निर्धारित लगभग 49.63 प्रतिशत लक्ष्य के विरुद्ध अबतक 38 लाख मानव दिवस का सृजन किया गया है, जो लक्ष्य का 76.5 प्रतिशत है। जिला में सबसे कम उपलब्धि दिघवारा प्रखंड में सामने आया जो 36.44 प्रतिशत है।
डीएम समीर को ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा के क्रम में यह भी जानकारी मिली कि रिविलगंज, इसुआपुर, लहलादपुर, एकमा, छपरा, पानापुर, अमनौर एवं मकेर में उपलब्धि 75 प्रतिशत से कम रही। इन सभी प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारियों (पीओ) से इसके लिए स्पष्टीकरण मांगा गया।
सभी पीओ को आगामी समय के लिए मानव दिवस के सृजन के लिए स्पष्ट कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया।
बताया गया कि मनरेगा के तहत मजदूरी का ससमय भुगतान लगभग 98 प्रतिशत है। सबसे कम मशरख प्रखंड में 91.5 प्रतिशत भुगतान किया गया है। सभी पीओ को शत – प्रतिशत भुगतान निर्धारित समय सीमा के अंतर्गत सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
मनरेगा के तहत वृक्षारोपण के लिए इस वर्ष लगभग 7 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। अबतक लगभग 5 लाख पौधे सामाजिक वानिकी के तहत निजी भूमि पर लगाये गये हैं। सभी पीओ को ऐसे सरकारी उच्च विद्यालयों या अन्य संस्थानों में, जहां चहारदीवारी बनी हुई हो, वहां वृक्षारोपण कराने का निर्देश दिया गया।
सरकारी जमीन पर किनारे -किनारे स्थानीय प्रजाति के वृक्षों को निर्धारित क्रम में लगाने के लिए कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया गया। इससे कालांतर में जमीन की सीमा निर्धारण के साथ -साथ जमीन की पहचान भी सरकारी भूमि के रुप में हो सकेगी।
बताया गया कि मनरेगा के तहत सभी पंजीकृत श्रमिकों का आधार सीडिंग का कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। अद्यतन 98 प्रतिशत आधार सीडिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष का भी सत्यापन कर आधार सीडिंग सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत सारण जिला में कुल स्वीकृत आवास 79599 के विरूद्ध 77438 आवास का निर्माण कार्य पूर्ण किया गया है, जो लगभग 97.29 प्रतिशत है। 2161 आवास अभी भी अपूर्ण है। इन सभी लाभुकों का आवास निर्माण को पूर्ण कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी को दिया गया।
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