प्रहरी संवाददाता/मुंबई। भारत सरकार की “आत्मनिर्भर भारत” पहल के अनुरूप, ग्यारह गोला-बारूद बार्ज के निर्माण और वितरण के लिए एमएसएमई, मेसर्स सूर्यदीप्त प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड, ठाणे के साथ अनुबंध संपन्न हुआ। श्रृंखला का दूसरा बार्ज एलएसएएम 16 (यार्ड 126) 06 सितंबर को कमोडोर एमवी राज कृष्णा, सीओवाई (मुंबई) की उपस्थिति में भारतीय नौसेना को सौंप दिया है। बार्ज को भारतीय शिपिंग रजिस्टर (Indian Shipping Register) (आईआरएस) के वर्गीकरण नियमों के तहत बनाया गया है।
गौरतलब है कि 30 वर्ष की सेवा के साथ स्वदेशी निर्माताओं से प्राप्त सभी प्रमुख और सहायक उपकरणों/प्रणालियों के साथ, बार्ज को रक्षा मंत्रालय की “मेक इन इंडिया” के पहल का गौरव प्राप्त है। एसीटीसीएम (गोला बारूद सह टॉरपीडो सह मिसाइल) बार्ज को शामिल करने से जेट्टी और बाहरी बंदरगाह दोनों पर आईएन जहाजों के लिए वस्तुओं/गोला बारूद के परिवहन, आरोहण और उतरने की सुविधा प्रदान करके आईएन की परिचालन प्रतिबद्धताओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
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