Advertisement

अनपति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर फुसरो में दीपोत्सव एवं छठ महोत्सव

एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में अनपति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर फुसरो में कबाड़ से जुगाड़, दीपोत्सव एवं छठ पूजा उत्सव 18 अक्टूबर को हर्षोंल्लास के साथ मनाया गया।

उत्सव का शुभारंभ विद्यालय के सचिव अमित कुमार सिंह, उपाध्यक्ष रामनरेश द्विवेदी, अभिभावक प्रतिनिधि रीमा सिंह एवं प्रधानाचार्य पंकज कुमार मिश्रा द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया। विद्यालय के कक्षा षष्ठम से दशम तक के सभी बहनों ने छठ पूजा उत्सव में भाग लिया। इसमें कैंपस में तालाब का नमूना बनाकर उसमें जल भरकर बहनों संग सभी दीदीजी ने पूरे नेग विधान और रीति रिवाज के साथ सूर्य भगवान को अर्घ देते हुए उत्सव मनाया।

इस अवसर पर विद्यालय के सचिव अमित कुमार सिंह ने कहा कि हमारी भारतीय परंपरा और रीति रिवाज के कारण पूरा विश्व शांति और आनंद का एहसास करता है। उन्होंने बताया कि छठ पूजा पूरे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड में जोश और श्रद्धा के साथ बनाया जाता है। प्रधानाचार्य पंकज कुमार मिश्रा ने कहा कि छठ पूजा प्रत्यक्ष देवता के रूप में पूजे जाने वाले सूर्य भगवान को समर्पित है। इससे भक्तों को मनवांछित फल प्राप्त होता है। कहा कि श्रद्धा और विश्वास के साथ इस त्यौहार को करने से मन को अपार शांति मिलती है।

मौके पर कक्षा तृतीय से दशम तक के भैया एवं छोटी-छोटी बहनों द्वारा दीपोत्सव का कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें एक से बढ़कर एक दीपक का डिजाइन भैया बहनों के द्वारा बनाया गया था। जिससे आमजनों को यह प्रेरणा मिल सके कि मिट्टी के दिए जलाना है और चीन से बने प्रकाशित वस्तुओं का बहिष्कार करना बहुत ही आवश्यक है। जिससे हमारा भारत का पर्यावरण संरक्षित एवं सुरक्षित रहे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से दीदीजी में भगवती नोनिया, रंजू झा, निभा सिन्हा, पूजा शर्मा, श्वेता शर्मा, अपर्णा कुमारी, मीणा देवी, अणिमा कुमारी, श्रेया बरनवाल, सोनाली कुमारी, आचार्य में नवल किशोर सिंह, साधन चंद्रधर, राकेश सिंह, उमाशंकर, दिवाकर पांडेय, सुरेश साव, शंकर साव, रवि मोदी का विशेष योगदान रहा। वहीं विद्यालय के सभी कर्मचारी बंधु भगिनी मुख्य रूप से उपस्थित थे। शांति मंत्र के पश्चात कार्यक्रम का समापन किया गया।

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *