प्रहरी संवाददाता/पेटरवार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड के चलकरी उत्तरी व् दक्षिणी पंचायत के विस्थापितों की ग्रामसभा 21 दिसंबर को चलकरी उच्च विद्यालय के प्रांगण में आयोजित किया गया। सभा में सैंकड़ों की संख्या में प्रभावित विस्थापित और ग्रामीण रैयत शामिल हुए।
ग्राम सभा की अध्यक्षता चलकरी उत्तरी पंचायत के मुखिया अखलेश्वर ठाकुर, दक्षिणी के मुखिया पति दुर्गा मांझी तथा विस्थापितों की ओर से भुवनेश्वर केवट ने संयुक्त रूप से किया। ग्रामसभा में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि सीसीएल प्रबंधन उपरोक्त दोनों पंचायत के विस्थापितों को बिजली, पानी नौकरी, मुआवजा देना सुनिश्चित करे तभी सोलर पावर प्लांट लगने दिया जाएगा।
विस्थापितो ने वार्ता समझौता के समय सीसीएल प्रबंधन द्वारा दिए तर्क को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सीसीएल प्रबंधन एकबार फिर विस्थापितों को ठगने की कोशिश कर रही है। विकास की आड़ में डीआरएंडआरडी परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के बाद अब परियोजना को ही ठंडे बस्ते में डालकर विस्थापितों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने को आमदा है।
विस्थापित नेता काशीनाथ केवट, भुवनेश्वर केवट, अशोक मंडल, शिरोमणि मंडल, भरत मंडल, माणिक मंडल, वाजिद अंसारी, मनीरुद्दीन अंसारी, सुरेश ठाकुर, राज केवट, चुनीलाल केवट, जमाले बारिश, रकीब अंसारी, होपना मांझी, राजाराम सोरेन, किशोर सोरेन, लालेश्वर टुडू, सुरेश मांझी, टिंकू रजक, निमाय चंद्र मंडल आदि ने अपना विचार व्यक्त किया। चर्चा के बाद तीन प्रस्तावों के माध्यम से आम सहमति और विरोध जानने की कोशिश की गई।
पूछा गया कि क्या सीसीएल को बिजली, पानी और नौकरी दिए बिना सोलर पावर-प्लांट लगाने दिया जाएगा। पहले प्रस्ताव को सर्वसम्मति से खारिज कर दिया गया। दूसरा प्रस्ताव के माध्यम से जब यह पूछा गया कि क्या सीसीएल प्रबंधन द्वारा बिजली, पानी, नौकरी तथा अनुपयोगी भूमि का क्षति पूर्ति के साथ डीनोफिकेशन की गारंटी हो तो सोलर प्लांट लगाने दिया जाएगा। सभी विस्थापित प्रतिनिधियों ने सर्वसम्मति से अपनी सहमति जाहिर की। ग्रामसभा के फैसले को और ज्यादा ठोस करने के लिए विस्थापितों को कागजात के लिखित रूप से भी प्रस्तुत करने की बात कही गई।
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