विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। बीते 23 जुलाई को ड्यूटी के दौरान हुई मौत मामले में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर कार्यरत मृतक के आश्रितों को मुआवजा एवं नौकरी के सहमति पत्र मिलने के बाद 25 जुलाई को मृतक का शव उठाया जा सका। इसे लेकर आंदोलनरत रहिवासियों को शांत कराने में एसडीपीओ, एसडीओ सहित कई पुलिस पदाधिकारी लगातार सक्रिय दिखे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 23 जुलाई को ओरिका कंपनी के आवासीय कॉलोनी में सिक्योरिटी गार्ड गोमियां चौधरी टोला निवासी 55 वर्षीय नारायण यादव की आकस्मिक मृत्यु ड्यूटी के दौरान हो गई थी। गार्ड की मृत्यु की सूचना जब परिजनों को मिली तो आक्रोशित होकर कंपनी के मुख्य द्वार के समीप शव को रखकर मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन शुरु कर दी।
इसके बाद संध्या समय ओरिका कंपनी से गोमियां विधायक डॉ लंबोदर महतो, जिप सदस्य डॉ सुरेंद्र राज एवं आईईएल थाना प्रभारी कंपनी के जीएम अभिषेक विश्वास एवं प्रबंधक एचआर रोशन सिन्हा से मुआवजा को लेकर वार्ता की गयी थी।
जीएम की ओर से कंपनी नियमानुसार मुआवजा देने की बात कही गयी थी, किंतु परिजन नहीं माने। इस बीच 24 जुलाई को झारखंडी भाषा खतियान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयराम महतो पहुंचे और पुलिस व् प्रशासनिक अधिकारियों तथा जीएम से वार्ता की। जिसमें पूर्व में हुए वार्ता पर सहमति बनी।
बताया जाता है कि वार्ता के बाद ओरिका के मानव संसाधन विभाग की ओर से लिखित सहमति पत्र देकर मुआवजे की राशी एवं सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी देने का आश्वासन मिला, तब जाकर परिजनों ने शव को उठाया और एंबुलेंस के माध्यम से अत्यं परीक्षण के लिए तेनुघाट अनुमंडलीय अस्पताल ले गए।
इस अवसर पर खतियानी आंदोलनकारी जयराम महतो ने कहा कि नियोजन और मुआवजा एक अलग विषय है। यहां मुझे किसी में संवेदना नहीं दिखी। उन्होंने कहा कि आज भी जहां मजदूरों की मौत होती है। पीड़ा होती है। सड़क, स्कूल, बिजली-पानी आज सभी के लिए आंदोलन की जरूरत पड़ती है। क्या मजदूर जीवन भर आंदोलन ही करेंगे।
मौके पर बेरमो एसडीओ अनंत कुमार, एसडीपीओ सतीश चंद्र झा, गोमियां सीओ संदीप अनुराग टोपनो, बीडीओ कपिल कुमार, आईईएल थाना प्रभारी अभिषेक कुमार, गोमियां थाना प्रभारी राजेश रंजन सहित प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष पंकज पांडेय, समाजसेवी रोहित यादव, राजकुमार यादव सहित कई गणमान्य मौजूद थे।
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