फर्जीवाड़ा का एफआईआर दर्ज होने तक चलेगा आंदोलन-आशिफ होदा
एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर(बिहार)। समस्तीपुर जिला (Samastipur district) के हद में ताजपुर (Tajpur) स्थित पानी भरा पांडे पोखर में मिट्टी उड़ाही के नाम पर 9 लाख रूपये फर्जीवाड़ा की जांच कर एफआईआर दर्ज करने का शिकायती पत्र बीडीओ, सीओ, डीडीसी को देने के बाद तमाम अधिकारी माले प्रतिनिधिमंडल को सिर्फ जांच का आश्वासन देते रहे। जबकि फर्जीवाड़ा साबित करने के लिए मनरेगा का मस्टर रोल, राशि निकासी सूची, कार्यस्थल पर प्राक्कलन का बोर्ड नहीं होना एवं प्रखंड मुख्यालय से आघे किलोमीटर की दूरी पर स्थित भरा पोखर ही काफी है। पहले थानाध्यक्ष, सीओ की उपस्थिति में बीडीओ ने तीन सदस्यीये जांच टीम का गठन कर आरोपी मनरेगा पीओ, जेई आदि को ही टीम सदस्य बना डाला। माले द्वारा आपत्ति जताने पर बीडीओ मनोज कुमार ने मामले को लेकर डीडीसी से पहल करने की मांग की। इस बीच बीडीओ के बुलावे पर आए थानाध्यक्ष शंभुनाथ सिंह, सीओ सीमा रानी एवं एडीएम गौरव कुमार द्वारा भी 7 दिनों में जांच कर कार्रवाई करने के आश्वासन को भी माले कार्यकर्ताओं ने मानने से इनकार कर दिया। अब डीडीसी ने तीन सदस्यीये टीम गठित कर 7 दिनों के अंदर जांच कर कार्रवाई करने का पत्र भेजा है। उक्त जानकारी 20 दिसंबर को भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह ने दी।
ज्ञात हो कि भीषण ठंडा के बीच प्रखंड कार्यालय पर 16 दिसंबर से शुरू घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन 5 वें दिन भी जारी है। मौके पर माले प्रखंड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में एक सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर माले नेता आशिफ होदा ने कहा कि पोखर उड़ाही मामलें में 9 लाख निकासी फर्जीवाड़ा का एफआईआर दर्ज होने तक चलेगा आंदोलन। इसके आलावा सभा को माले महिला नेत्री बंदना सिंह, नौशाद तौहीदी, ब्रहमदेव प्रसाद सिंह, राजदेव प्रसाद सिंह, मो. गुलाब, बासुदेव राय, संजय शर्मा, मो. एजाज, मो. सदीक, अरशद कमाल बबलू, शंकर सिंह, मनोज साह, मुकेश कुमार गुप्ता, मनोज कुमार सिंह, अनीता देवी, नीलम देवी, सोनिया देवी, चांदबाबू, मो. लालबाबू, मो. सदीक, मो. परवेज आदि ने संबोधित करते हुए नीतीश सरकार को भ्रष्टाचारियों का संरक्षक सरकार बताते हुए एफआईआर होने तक आंदोलन जारी रखने की घोषणा की।
मौके पर दिल्ली किसान आंदोलन में शहीद किसानों की याद में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। जिसमें मृतक किसानों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन श्रद्धांजलि देते हुए किसानहित में तीनों कृषि कानून एवं बिजली विधेयक 2020 वापस लेने की मांग की गई।
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