रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा का चार दिवसीय अनुष्ठान बीते 6 नवंबर से नहाय खाय के साथ प्रारंभ हो गया। इस महापर्व को बोकारो के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) गिरिजा शंकर प्रसाद एवं उनकी धर्मपत्नी डॉक्टर रीना दयाल ने भी श्रद्धापूर्वक खरना के साथ 36 घंटे का निर्जला उपवास प्रारंभ किया। डीडीसी अपने पूरे परिवार के साथ अपने बोकारो आवास में छठ महापर्व मना रहे है। उन्होंने 7 नवंबर की संध्या अस्ताचलगामी सूर्य देवता को धर्मपत्नी के साथ अर्घ्य अर्पित किया। साथ हीं 8 नवंबर को प्रात: उगते सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित कर पूजा की समाप्ति की।
इस अवसर पर डीडीसी प्रसाद ने बताया कि छठ पर्व वर्ष 1997 से वे कर रहे है। इसके प्रति उनकी अटूट आस्था है। इस पर्व को लेकर उनकी हर मनोकामना छठी माता के कृपा से पूरा हो रहा है। उन्होंने बताया कि पहले उनके माताजी यह पर्व करती थी। उनके देहांत उपरांत से वे लगातार यह पर्व करते रहे है।
डीडीसी ने बताया कि उनकी धर्मपत्नी भी वर्ष 2002 से लगातार उनके साथ यह पर्व करती रही है। उन्होंने बताया कि मेरा छोटा भाई भी छठ महापर्व करता है। कहा कि उनके बोकारो स्थित निवास स्थान में ही पूजा का सारा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भगवान भास्कर की पूजा अर्चना करने से श्रद्धालुओं को वंश, मान, प्रतिष्ठा व कीर्ति प्राप्त होता है।
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