आदिवासी सम्मान में हर परिस्थिति में आदि कर्मयोगी अभियान को बनाएं सफल-उपायुक्त
समाहरणालय में जिला स्तरीय आदिकर्मयोगी-रिस्पांसिव गर्वमेंस पर कार्यशाला
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। समाहरणालय सभागार में जिला उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा की अध्यक्षता में 28 अगस्त को आदि कर्मयोगी अभियान – रेस्पॉन्सिव गवर्नेस प्रोग्राम पर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। दीप प्रज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। कार्यशाला में जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान के संबंध में विस्तार से जानकारी साझा की गई।
आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते हुए डीसी अजय नाथ झा ने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान सिर्फ प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के सम्मान और उनसे सीखने का माध्यम है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आदिवासी समुदाय के पास समृद्ध परंपरा, संस्कृति और जीवन मूल्यों की धरोहर है। हमें उन्हें बदलने या सिखाने की मानसिकता नहीं रखनी चाहिए, बल्कि उनसे सीखने और अपनाने की सोच विकसित करनी होगी। उन्होंने पदाधिकारियों को कहा कि वे संवेदनशीलता और सहभागिता के साथ कार्य करें और अभियान को जमीनी स्तर तक सफल बनाएं।

कार्यशाला में उपायुक्त ने कहा कि जिले के 125 आदिवासी बहुल चिन्हित गांवों को विशेष रूप से अभियान के तहत विकास कार्यों व् विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अच्छादित करने की प्रगति कार्य की विशेष निगरानी की जाएगी। उन्होंने सभी गांवों को जिले के वरीय पदाधिकारियों के साथ टैग करने का निर्देश दिया। साथ ही, तय किया कि हर पदाधिकारी नियमित रूप से इन गांवों का दौरा करेंगे और स्थानीय स्तर पर समस्याओं के समाधान की पहल करेंगे।
उक्त अभियान को हर स्तर तक पहुंचाने के लिए डीसी ने बीडीओ/सीओ प्रखंड व् पंचायत स्तर पर संवाद मित्र बनाने, संवाद मित्र द्वारा पंचायत – प्रखंड और जिला स्तर के बीच सेतु का कार्य करने पर बल दिया। अभियान के तहत की जा रही गतिविधियों और उपलब्धियों का साप्ताहिक बुलेटिन जारी करने का भी निर्देश दिया।

डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने कहा कि सभी पदाधिकारी अपने दैनिक कार्यों के साथ – साथ आदि कर्मयोगी अभियान के लिए भी निश्चित समय निकालें। उन्होंने कहा कि विकास तभी गति पकड़ेगा जब अधिकारी अपने कार्य में योजनाबद्ध ढंग से समय प्रबंधन करेंगे और आदि कर्मयोगी को प्राथमिकता देंगे। अपर समाहर्ता सह कार्यक्रम नोडल पदाधिकारी मो. मुमताज अंसारी ने कहा कि अभियान में झारखंड के 22 जिले के 224 प्रखंडों के 7100 गांव और बोकारो जिले के 9 प्रखंड के कुल 125 ग्रामों को प्रथम चरण में चिन्हित किया गया है।
संपूर्ण योजना के संवेदनशील क्रियान्वयन तथा सिंगल विंडो ग्रीवेंस रिड्रेसल आदि सेवा केंद्र के संचालन तथा ग्राम विकास विजन के निर्माण के लिए ओरिएंटेशन के जरिये अभियान आदि कर्मयोगी का राज्य स्तरीय, जिला स्तरीय तथा प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसके बाद चयनित सभी 125 ग्रामों में आदि साथियों की मदद से बॉटम अप अप्रोच के साथ सभी मूलभूत आवश्यकता जो व्यक्तिगत अथवा सामुदायिक प्रकृति की होंगी, उसको सुनिश्चित करने का विस्तृत योजना बनाया जाना है। प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनरों का आवासीय प्रशिक्षण आगामी 30 अगस्त से एक सितंबर तक प्रस्तावित है।
कार्यशाला के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर प्रोवेसनर संदीप शिंदे, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ सुमन गुप्ता, जिला शिक्षा पदाधिकारी जगरनाथ लोहरा, वरीय लेखा पदाधिकारी पंकज दूबे आदि ने पूरे कार्यक्रम व् कार्य योजना से सभी को अवगत कराया। बताया कि यह अभियान भारत के जनजाति समुदाय के संपूर्ण उत्थान के लिए एक अति महत्वकांक्षी योजना है। इस अभियान के अंतर्गत वर्ष 2030 तक 17 मंत्रालयों/विभागों के 25 से अधिक महत्वपूर्ण योजनाओं का क्रियान्वयन शत प्रतिशत किया जाना है।
जिसमें अनुसूचित जनजाति समुदाय को प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, विद्युतीकरण, मोबाइल कनेक्टिविटी, मोबाइल मेडिकल यूनिट्स, आयुष्मान कार्ड, उज्ज्वला योजना अंतर्गत एलपीजी गैस कनेक्शन, आधार कार्ड निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण, समग्र शिक्षा अभियान अंतर्गत छात्रावास तथा क्लास रूम का निर्माण, स्किल डेवलपमेंट सेंटर्स ट्राइबल मार्केटिंग सेंटर्स का निर्माण, वन अधिकार पट्टा से आच्छादित रहिवासियों को कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन से जोड़ना आदि शामिल है।

कार्यशाला में उपायुक्त झा ने सभी को शपथ दिलाई। कहा कि हम झारखंड के आदि कर्मयोगी प्रण लेते हैं कि… राज्य के आदिवासी समुदाय के समग्र विकास हेतु पूर्ण निष्ठा, प्रतिबद्धता एवं जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे। जनभागीदारी और स्व-उत्तरदायित्व को सुनिश्चित करते हुए ईमानदारी, पारस्परिक सहयोग, विश्वसनीयता और दृढ़ संकल्प के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। अपनी दूरदर्शिता, सतत प्रयास रणनीतिक सोच, वैज्ञानिक पद्धति और समुदाय केन्द्रित योजनाओं के माध्यम से आदिवासी समुदाय के सपनों को साकार करने के लिए प्रयासरत रहेंगे।
अपने अनुभवों और चुनौतियों पर नियमित रूप से सामूहिक मंथन करेंगे और संवाद सामंजस्य एवं सहमति के आधार पर सभी समस्याओं का समाधान करेंगे। हम संगठित होकर जल, जंगल, जमीन और जीवन को समृद्ध कर न्याय आधारित समतामूलक समाज के निर्माण का वचन देते हैं।
आदि कर्मयोगी अभियान को सफल बनाने में मीडिया की अहम भूमिका-उपायुक्त
आदिवासी समाज को उनका हक व् अधिकार दिलाने, उनका सर्वांगीण विकास को लेकर जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार द्वारा आदि कर्मयोगी अभियान – रेस्पॉन्सिव गवर्नेस प्रोग्राम की शुरूआत की गई है। जैसा कि नाम से ही प्रतित हो रहा है आदि कर्मयोगी, आदिवासी समाज के लिए जो कार्य करें, वह आदि कर्मयोगी है।
उक्त बातें बोकारो जिला उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहीं। वे 28 अगस्त को समाहरणालय सभागार में संवाददाताओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान – रेस्पॉन्सिव गवर्नेस प्रोग्राम के तहत आदिवासी बहुल जिले के 125 चिन्हित गांव के रहिवासियों को केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से शत प्रतिशत अच्छादित किया जाना है।
सभी कार्य स्वास्थ्य, शिक्षा, कल्याण, समाज कल्याण, वन प्रमंडल जैसे विभिन्न 17 विभागों के पदाधिकारियों के समन्वय से पूरा किया जाएगा। इस क्रम में पिछले दिनों राज्य स्तर पर जिले के आठ पदाधिकारियों को जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर का प्रशिक्षण दिया गया। उनके द्वारा सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों, बीडीओ व् सीओ को जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित कर कार्यक्रम की विस्तृत कार्य योजना से अवगत कराया गया।
उन्होंने कहा कि आगामी 30 अगस्त से एक सितंबर तक आवासीय रूप से प्रखंड स्तरीय मास्टर ट्रेनरों को प्रशिक्षित किया जाएगा, जो प्रखंड व पंचायत स्तर पर आदि कर्मयोगी को प्रशिक्षण देंगे। कहा कि इस अभियान में जन जागरूकता काफी जरूरी है। इस उद्देश्य को लेकर प्रखंड व पंचायत स्तर पर आदि संवाद मित्र बनाया जाएगा। जो अभियान के तहत सभी गतिविधियों से अवगत कराएगा। कहा कि अभियान को सफल बनाने में मीडिया की भूमिका अहम है। मीडिया से अपेक्षा है कि अभियान को व्यापक रूप से प्रचारित कर इसे जन आंदोलन का स्वरूप देने में सहयोग करें।
उपायुक्त झा ने कहा कि जिले की सभी पंचायतों में रात्रि पाठशालाएं चलाई जाएंगी। रात्रि पाठशाला दिशोम गुरू स्व. शिबू सोरेन के सम्मान में आयोजित की जाएंगी। कहा कि इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण बुजुर्गों/कामगार व् श्रमिकों को शिक्षा का अवसर देना, साथ ही समाज में शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले युवाओं को ध्यान में रखते हुए जिला मुख्यालय बोकारो में दिवा–रात्रि (24×7) पुस्तकालय स्थापित किया जाएगा। पुस्तकालय में विद्यार्थियों को शांत वातावरण, अध्ययन सामग्री और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पुस्तकालय चौबीसों घंटे खुला रहेगा, जिससे छात्रों को अपनी सुविधानुसार अध्ययन करने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि अभियान में जिले के हर गांव को नशा मुक्त गांव बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। नशा मुक्ति के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिनमें नशे के दुष्प्रभावों पर जनसंवाद, नशा छुड़ाने के शिविर और सामुदायिक निगरानी की व्यवस्था शामिल होगी।
प्रेस वार्ता में उपायुक्त ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के सम्मान में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की शुरूआत की गई है। बहुत जल्द जिला प्रशासन मंईयां सम्मान से सशक्तिकरण कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी होगी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है, ताकि वे अपने परिवार और समुदाय में आत्मनिर्भरता का उदाहरण प्रस्तुत कर सकें।
ज्ञात हो कि, आदि कर्मयोगी अभियान – रेस्पॉन्सिव गवर्नेस प्रोग्राम के तहत जिले को 125 गांवों को चिन्हित किया गया है, जिसमें गोमिया प्रखंड में 72 गांव, पेटरवार प्रखंड में 18 गांव, चास प्रखंड में 6 गांव, नावाडीह प्रखंड में 4 गांव, चंदनकियारी प्रखंड में 2 गांव, चंद्रपुरा प्रखंड में एक गांव, जरीडीह प्रखंड में 14 गांव, कसमार प्रखंड में 7 गांव एवं बेरमो प्रखंड में एक गांव शामिल हैं। इन सभी गांवों का समग्र विकास करना प्रशासन का लक्ष्य हैं।
मौके पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता सह नोडल पदाधिकारी मो. मुमताज अंसारी, एसडीओ बेरमो मुकेश मछुवा, अनुमंडल पदाधिकारी चास प्रांजल ढ़ांडा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी शालिनी खालखो, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा पियूष, जिला कल्याण पदाधिकारी एन एस कुजूर, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, जिला वरीय लेखा पदाधिकारी पंकज दूबे, सभी विभागों के पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी आदि उपस्थित थे।
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