फार्मटांड़ कसमार का निरीक्षण कर जेएसएलपीएस को सक्रिय करने का दिया निर्देश
प्रखंड सह अंचल कार्यालय निरीक्षण में कार्यालय पंजी अद्यतन नहीं होने पर नाराजगी
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला उपायुक्त (डीसी) अजय नाथ झा एवं उप विकास आयुक्त (डीडीसी) शताब्दी मजूमदार ने 8 सितंबर को जिला के हद में कसमार प्रखंड स्थित फार्मटांड़ का संयुक्त निरीक्षण किया। मौके पर अपर समाहर्ता (एसी) मो. मुमताज अंसारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) नम्रता जोशी, अंचलाधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, नोडल पदाधिकारी पंकज दूबे आदि उपस्थित थे।
निरीक्षण के दौरान डीसी तथा डीडीसी ने जेएसएलपीएस स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने जेएसएलपीएस की दीदीओं को और अधिक सक्रिय बनाने, समूह कार्यों को पारदर्शी ढ़ंग से संचालित करने तथा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुँचाने का निर्देश दिया। ज्ञात हो कि यहां 10 एसएचजी समूह जुड़ा है। डीसी ने इसकी संख्या बढ़ाने को कहा।
इस अवसर पर डीसी झा ने कसमार प्रखंड को कृषि बेस्ड मॉडल प्रखंड के रूप में विकसित करने को कहा। उपस्थित टीम को इस दिशा में परियोजना तैयार करने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गतिविधि को समयबद्ध और व्यवस्थित बनाने के लिए मासिक कैलेंडर तैयार करना जरूरी है। उन्होंने जेएसएलपीएस टीम को डीपीएम, डीडीसी के माध्यम से विभिन्न दैनिक गतिविधियों का मासिक कैलेंडर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर निरीक्षण के दौरान कई प्रकार की खामियां सामने आईं। विशेष रूप से समूह समन्वय की कार्यप्रणाली में कमी पाई गई। डीसी व् डीडीसी ने एसएचजी समन्वयक से लिखित स्पष्टीकरण मांगा और चेतावनी दी कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही बीडीओ एवं सीओ को कहा गया कि वे नियमित निगरानी और स्थलीय भ्रमण सुनिश्चित करें।
निरीक्षण के दौरान डीसी व् डीडीसी ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय का भी गहन निरीक्षण किया। यहां पाया गया कि कार्यालय में आगत, निर्गत/सीएल/कैस पंजी का अद्यतन कार्य लंबित है। डीसी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि सरकारी अभिलेखों की अद्यतनता किसी भी स्थिति में सुनिश्चित होनी चाहिए। पंजी अद्यतन में लापरवाही और कार्यालयीन कार्य में ढ़िलाई के मद्देनजर डीसी ने संबंधित नाजीर एवं प्रधान सहायक का वेतन अगले आदेश तक स्थगित करने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि एक सप्ताह की समय-सीमा के भीतर सभी पंजी अद्यतन किए जाएँ और इसकी रिपोर्ट सीधे जिला प्रशासन को सौंपी जाए।
इस अवसर पर प्रखंड कार्यालय सभागार में आयोजित आदि कर्मयोगी योजना अंतर्गत प्रखंड स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ डीसी, डीडीसी एवं सीओ ने संयुक्त रूप से किया। यहां डीसी अजय नाथ झा ने कहा कि यह प्रशिक्षण सरकारी सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और परिणामकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इससे लाभ उठाकर सर्विस डिलिवरी सेवा में सुधार लाना चाहिए।
बताया जाता है कि निरीक्षण के दौरान प्रखंड कार्यालय पहुँची महिलाओं से डीसी ने सीधा संवाद किया। महिलाओं ने अपनी समस्या यथा झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना की स्थिति तथा आवश्यक सहयोग की मांग की। डीसी ने संबंधित पदाधिकारियों को समस्याओं का तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया। कहा कि देर शाम तक सभी आवेदनों में व्याप्त समस्या को सूचीबद्ध कर जिला को उपलब्ध कराएं, सभी का त्वरित समाधान किया जाएगा।
निरीक्षण के क्रम में डीसी व् डीडीसी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कसमार का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ओपीडी, दंत चिकित्सक कक्ष, युवा मैत्री केंद्र, शौचालय, दवा भंडार कक्ष एवं भंडार गृह का जायजा लिया। जांच में दवा भंडार कक्ष से एक्सपायरी दवाएं मिलने पर डीसी ने प्रखंड चिकित्सा पदाधिकारी (एमओआइसी) को डांट लगाई तथा इस तरह की गंभीर लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने निर्देश दिया कि सीएचसी परिसर की साफ-सफाई, शौचालयों की स्वच्छता एवं प्रकाश व्यवस्था में तत्काल सुधार किया जाए। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त झा ने स्पष्ट कहा कि लापरवाही और शिथिलता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी पदाधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियां समय पर और पूरी ईमानदारी से निभानी होंगी।
![]()













Leave a Reply