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सोनपुर आदम मौजे के 66 जमाबंदी रैयतों की जमाबंदी रद्द होने का खतरा

अपर समाहर्ता के न्यायालय में 11 सितंबर को रैयतों को साक्ष्य सहित पक्ष रखने का मौका

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर नगर परिषद क्षेत्र के सोनपुर आदम मौजे के 66 जमाबंदी रैयतों की जमाबंदी रद्द होने का खतरा उत्पन्न हो गया है। प्रशासन का मानना है कि इन 66 जमाबंदी रैयतों ने सरकारी भूमि पर कब्जा कर गलत तरीके से अपनी जमाबंदी कायम करा ली है।

बताया जाता है कि प्रशासन के कड़े रुख के कारण इन जमाबंदी रैयतों को उक्त जमीन उनकी है, इसका साक्ष्य सहित अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा, अन्यथा ऐसा नहीं होने पर उन्हें उक्त जमीन से हाथ धोना पड़ेगा। बताते चलें कि, इन जमाबंदी रैयतों ने नोटिस के बावजूद अपर समाहर्ता सारण के न्यायालय को अपनी जमीन होने का सही साक्ष्य आज तक प्रस्तुत नहीं किया है।

जिसके कारण न्यायालय अपर समाहर्ता सारण मुख्यालय छपरा ने नोटिस पर साक्ष्य के साथ उपस्थित नहीं होने वाले वैसे चिह्नित 66 जमाबंदी रैयतों को साक्ष्य के साथ संबंधित न्यायालय मे आगामी 11 सितंबर को उपस्थित होने का एक अवसर और दिया हैं। अगर साक्ष्य के साथ उपस्थित नहीं हुए तो उनके खिलाफ एकतरफा फैसला लिया जा सकता है।
बिहार भूमि दाखिल- खारिज अधिनियम 2011 की धारा 09 के अन्तर्गत सोनपुर नगर परिषद के 66 जमाबंदी रैयतों को यह नोटिस जारी किया गया है, जिसमें सभी सोनपुर आदम मौजे के जमाबंदी रैयत हैं।

इन्हें अपनी जमीन का वास्तविक मालिक होने का साक्ष्य सहित अपना पक्ष प्रस्तुत करना है। न्यायालय से जारी प्रकाशन नोटिस में कहा गया है कि सोनपुर अंचल पदाधिकारी ने जमाबंदी रद्द करने के लिए अपर समाहर्ता के न्यायालय में जमाबंदी रद्दीकरण का प्रस्ताव भेजा है, जिस पर उपरोक्त नोटिस जारी किया गया है। जारी नोटिस मे कहा गया है कि अंचल अधिकारी सोनपुर द्वारा बिहार भूमि दाखिल- खारिज अधिनियम 2011 की धारा 9 के तहत उपलब्ध कराए गए जमाबंदी रद्दीकरण प्रस्ताव के आलोक में अपर समाहर्ता सारण के न्यायालय में उपरोक्त जमाबंदी रद्दीकरण वादों का संधारण किया गया है, जिसकी सुनवाई की तिथि 11 सितंबर निर्धारित है।

निम्नांकित वाद का नोटिस सोनपुर अंचल अधिकारी तथा डाक के माध्यम से इन 66 जमाबंदी रैयतों को अवगत कराया गया था। बावजूद इसके सभी अपर समाहर्ता के न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए। न्यायालय ने इन सभी रैयतों को आगाह किया है कि उक्त निर्धारित को वे स्वयं अथवा अपने अधिवक्ता के माध्यम से अपर समाहर्ता के न्यायालय में उपस्थित होकर साक्ष्य सहित अपना पक्ष प्रस्तुत करें, अन्यथा उनकी अनुपस्थित में विधि सम्मत एकपक्षीय कार्रवाई की जायेगी।

ज्ञात हो कि पूर्व में सोनपुर नगर परिषद् क्षेत्र के सोनपुर आदम मौजा में सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के 199 मामले चिह्नित किए गए थे।ऐसा प्रतीत होता है इनमें से अधिसंख्य ने नोटिस मिलने के बाद अपना साक्ष्य सहित पक्ष न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया होगा, जिसमें 66 जमाबंदी रैयत अनुपस्थित रहे। जिन्हें प्रकाशन के माध्यम से उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। सभी चिह्नित स्थानों पर पक्के घर, दुकानें और रिहायशी कालोनियां, बाग -बगीचे, खेत- खलिहान हैं। जानकारों ने बताया कि यह अतिक्रमण पिछले छह-सात दशकों से चला आ रहा है। यदि इसकी गहराई से जांच की जाए, तो तत्कालीन जमाबंदीदारों, राजस्व कर्मियों और उच्च अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ सकती है। हालांकि, इनमें से कई कब्जाधारी अब जीवित नहीं हैं।

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