एस. पी. सक्सेना/रांची (झारखंड)। झारखंड में साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अब यह जानलेवा साबित हो रहा है। ताजा मामला झारखंड के गुमला जिले से सामने आया है, जहां एक किसान ने ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने के बाद आत्महत्या कर ली।
जानकारी के अनुसार बीते 4 मार्च को गुमला जिला सदर थाना क्षेत्र के अरमई रहिवासी साइबर ठगी के शिकार 55 वर्षीय किसान मोरहा उरांव ने अपने घर के पीछे आम के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले उसने एक पर्चा (सुसाइड नोट) छोड़ा था, जिसमें उसने अपने भाई और परिवार से माफी मांगते हुए कहा कि साइबर ठगी का शिकार भाई जगना, प्यारी झिमी मुझे क्षमा करना, मोबाइल में मैसेज देखना समझ जाना मोरहा उरांव।
इस संबंध में मृतक के भाई जगना उरांव ने बताया कि मोरहा ने टैसेरा राइस मिल में अपनी धान की फसल बेची थी, जिससे उसे ₹68,000 मिले थे। उसने यह रकम अपने बैंक खाते में जमा कर दी थी, लेकिन कुछ दिनों पूर्व साइबर अपराधियों ने बैंक से उसकी पूरी राशि उड़ा ली। इस घटना के बाद मोरहा गहरे सदमे में था। आखिरकार उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।
मोरहा की मौत से उसका परिवार सदमे में है। स्थानीय ग्रामीण रहिवासियों का कहना है कि अगर साइबर ठगी की शिकार हुई राशि उसे वापस मिल जाती, तो शायद यह घटना टल सकती थी। परिजनों ने प्रशासन से दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञात हो कि, इनदिनों झारखंड और बिहार में साइबर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ठग फर्जी फोन कॉल, मैसेज और ऑनलाइन लिंक के जरिए बैंक खाते से पैसे उड़ा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में रहनेवाले सीधे सादे रहिवासी डिजिटल फ्रॉड को लेकर जागरूक नहीं हैं, जिसका साइबर अपराधी फायदा उठा रहे हैं। ग्रामीण रहिवासियों का कहना है कि सरकार को साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाना चाहिए। साथ हीं ऐसे मामलों में ठगी गयी राशि की जल्द वापसी के लिए त्वरित समाधान प्रणाली अपनाना चाहिए।
उक्त घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और साइबर अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। इस घटना में सीधा दोष साइबर अपराधियों का है। बावजूद इसके बैंकिंग सिस्टम, साइबर सुरक्षा और प्रशासन की लापरवाही भी उतना ही जिम्मेदार है। अगर समय पर सही कदम उठाया गया होता तो शायद मोरहा उरांव की जान बच सकती थी। अब सवाल यह उठता है कि सरकार और प्रशासन कब तक सिर्फ जांच की बात करती रहेगी। क्या इस घटना के बाद कोई ठोस कदम उठाए जाएंगे, या फिर कोई और निर्दोष ठगी का शिकार होकर अपनी जान दे देगा?
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