भाजपा-जदयू सरकार में दलितो के लिए आवाज उठाने वाले नेताओं पर हमला-माले
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। भाकपा माले नेता तथा माले अरवल जिला कमिटी सदस्य सुनील चंद्रवंशी हत्याकांड के खिलाफ भाकपा माले ने 11 सितंबर को विरोध मार्च निकालकर हत्यारे को गिरफ्तार करने एवं बिहार में बढ़ते हत्या-अपराध पर रोक लगाने की मांग की।
जानकारी के अनुसार 11 सितंबर को बड़ी संख्या में भाकपा माले कार्यकर्ता समस्तीपुर जिला के हद में जितवारपुर प्रखंड कार्यालय के समक्ष इकट्ठा होकर झंडा, बैनर एवं मांगों से संबंधित तख्तियां लेकर विरोध मार्च निकाला। मार्च नारा लगाते प्रखंड चौक, चांदनी चौक आदि का भ्रमण करते हुए पुनः चांदनी चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया।
सभा की अध्यक्षता माले जिला सचिव उमेश कुमार ने की। जबकि सभा को जिला कमिटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह, ललन कुमार, महावीर पोद्दार, राजकुमार चौधरी, खुर्शीद खैर, लोकेश राज, उपेंद्र राय, अनील चौधरी, अशोक राय, मो. ऐनुल हक, अशोक कुमार, उमेश राय, शमीम मंसूरी, टींकू यादव आदि ने संबोधित किया।
इस अवसर पर सभा को अपने अध्यक्षीय संबोधन में माले जिला सचिव उमेश कुमार ने कहा कि बिहार के अरवल में भाकपा-माले जिला कमिटी सदस्य सुनील चंद्रवंशी की बीते 9 सितंबर को दिन दहाड़े हत्या कर दी गई। बिहार में प्रतिदिन धड़ल्ले से हत्या- अपराध हो रही है।
उन्होंने कहा कि दलित- गरीबों की आवाज उठाने वाले नेताओं को या तो जेल में डाल दिया जाता है या उनकी हत्या कर दी जाती है। भाजपा- जदयू की सरकार में सामंती ताकत एवं अपराधी छवि वाले अपराधी तत्वों का मनोबल बढ़ गया है। एक बोतल शराब के नाम पर दौड़े-दौड़े जाने वाली पुलिस हत्या- अपराध स्थल पर जल्दी से पहुंच नहीं पाती है।
अपराधियों को पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है। उन्होंने माले नेता कॉमरेड सुनील चंद्रवंशी के हत्यारे को जल्द गिरफ्तार कर जेल में बंद करने, पीड़ित परिवार को 20 लाख रूपये मुआवजा देने की मांग की, अन्यथा आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
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