माकपा ने सीएम से झारखंड पोर्टल में फार्म इंट्री कराने की मांग एक्स पर किया था
एस. पी. सक्सेना/लातेहार (झारखंड)। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से झारखंड मंईयां सम्मान योजना का फॉर्म ऑनलाइन के साथ साथ ऑफलाइन भी जमा करने के निर्णय का मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने स्वागत किया है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता अयुब खान ने 7 अगस्त को एक प्रेस वक्तव्य जारी कर कहा कि महिलाओं को ऑनलाइन फॉर्म भराने में लाईव फोटो और फिंगर लिए जा रहे थे, इससे वेबसाइट की सर्वर में काफी दिक्कत आ रही थी। साथ ही उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
उन्होंने कहा कि लगातार चार चार दिन से महिलाओं को पंचायत कार्यालय का चक्कर काटना पड़ रहा था। सुबह से शाम तक महिलाएं सर्वर के इंतजार में कृषि कार्य छोड़कर बैठे रह रहे थे। अब इस फैसले से महिलाओं को काफी राहत मिली है।
ज्ञात हो कि खान ने बीते 6 अगस्त को मुख्यमंत्री को टैग कर एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना का फॉर्म एक पंचायत में करीब 25 – 30 ही भरा पाया। इसके बाद सर्वर दिन भर स्लो रहा। चौथे दिन भी सर्वर स्लो रहा।
प्रज्ञा केंद्र के भरोसे रहने से सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फ्लॉप होने के कगार पर पहुंच गई है। साथ ही फॉर्म नहीं भरे जाने से महिलाओं की परेशानी दिन प्रतिदिन और बढ़ती जा रही है। छोटे छोटे बच्चों को लेकर दिन भर पंचायत भवन में उनका समय बित रहा है।
शाम को वे निराश लौट जा रही हैं। खान ने कहा कि वेबसाइट सर्वर फेल करने में अपनी कोई कसर नहीं छोड़ा जा रहा है। कहा कि प्रज्ञा केंद्र की सर्वर जिस तरह से काम कर रहा है, इससे लग रहा है कि यह योजना सफल नहीं होगी। कहा कि सर्वर ठीक करने में किसी की रुची नहीं है। इस योजना के कार्य में जुड़े कर्मी को देखकर यह लगता है कि शिर्फ टाईम पास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस योजना का फॉर्म अपलोड करने में जितना प्रज्ञा केंद्र में जोर दे रही है, इतना जोर अपने झारखंड पोर्टल में फॉर्म अपलोड करने पर देती तो आज यह स्थिति नहीं रहती। कहा कि झारखंड पोर्टल का सर्वर सरकारी कार्यालयों में काफी तेजी से काम कर रहा है।
राज्य सरकार के पास सिस्टम भी है। कई विभाग के पास सरकारी कर्मचारी भी हैं। इन सभी को इस काम में लगा दिए जाने से महिलाओं की परेशानी और भाग दौड़ में कमी आएगी और सरकार की योजना भी सफल हो जाएगा।
माकपा नेता अयुब खान ने प्रज्ञा केंद्र में वेबसाइट सर्वर की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री से झारखंड पोर्टल में मंईयां सम्मान योजना का फार्म इंट्री कराने की मांग किया था।
उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर का जिन्हें अनुभव नहीं है वैसे प्रज्ञा केंद्र की स्टॉफ को पंचायत भवन में फार्म ऑनलाइन करने के लिए बैठा दिया गया है। यही कारण है कि पंचायत भवन में कार्य कर रहे कई ऑपरेटर कम्प्यूटर चला नहीं पा रहे हैं।
ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री का यह निर्णय स्वागत योग्य है।
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