ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट व्यवहार न्यायलय के एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति ने दहेज उत्पीड़न के आरोपी पति मोहन महतो को 1 वर्ष की सजा सुनाई।
बताते चलें कि कांड की सूचिका रीता देवी ने तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के एसीजेएम के न्यायालय में वर्ष 2018 में एक परिवाद पत्र दाखिल कर बताया कि उसकी शादी ग्राम जूनोडीह थाना नावाडीह रहिवासी मोहन महतो के साथ वर्ष 2011 में हुई थी। शादी के बाद लगभग 3 महीना तक ससुराल में उसे ठीक से रखा गया।
उसके बाद दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाने लगा। जिसे लेकर सूचिका के मायके वाले समझाने बुझाने की कोशिश की, मगर उसके बाद भी हमेशा ससुराल में दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता था।
सूचिका को पता चला कि उसके पति (अभियुक्त) मोहन महतो ने एक लड़की को लेकर भाग गया है। उसके बाद उससे शादी भी कर लिया है। तब सुचिका रीता देवी ने न्यायालय में परिवार पत्र दाखिल की।
न्यायालय द्वारा उक्त परिवाद पत्र को जांच व् साक्ष्य के लिए नावाडीह थाना भेजा गया। आरोप पत्र समर्पित होने के बाद मामला स्थानांतरित होकर एसीजेएम मनोज कुमार प्रजापति के न्यायालय में आया। एसीजेएम न्यायालय में उपलब्ध गवाह एवं दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं के बहस सुनने के बाद एसीजेएम प्रजापति ने आरोपी पति को दोषी पाने के बाद 1 वर्ष की सजा और पांच हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई।
सजा सुनाये जाने के बाद अभियुक्त के अधिवक्ता के द्वारा न्यायालय में सजा के खिलाफ ऊपर अदालत में अपील करने का आवेदन दिया गया है। इसके बाद दोषी अभियुक्त को जमानत पर छोड़ा गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक नवीन कुमार मिश्रा ने बहस की।
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