ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में तेनुघाट व्यवहार न्यायालय के जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी की अदालत ने बलात्कार मामले में सिद्ध दोषी को बारह साल की सजा सुनाई है।
जानकारी के अनुसार न्यायालय द्वारा जिला के हद में नावाडीह थाना क्षेत्र के सिमराबेड़ा रहिवासी मुमताज मियां को मूक बधिर के साथ दुष्कर्म के मामले में सिद्ध दोषी पाने के बाद बारह साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
बताते चलें कि वाद की सूचिका ने नावाडीह थाना प्रभारी के समक्ष बयान दर्ज कराया था कि वह विकलांग है और वह अपने घर में अकेली थी। उसकी मां महाराष्ट्र के नागपुर गई थी। उसके पिता सब्जी बेचने गए थे। तभी 24 मार्च 2024 को घर के पीछे वाले दरवाजा से अभियुक्त मुमताज मियां घुस गया और उसका कपड़ा खोलने की कोशिश करने लगा। मना करने पर उसके साथ मारपीट किया और जमीन पर पटक दिया। उसके साथ मुंह दबा कर बाज़बरन दुष्कर्म किया गया।
उसके बाद जब वह बाहर जाने लगा तब यह धमकी दिया कि अगर किसी को भी बोलेगी तो वह उसे और उसके पिता को घर में घुस कर चाकू से मार देगा। डर कर पीड़िता अपनी चचेरी बहन के पास चली गई। जब उसकी मां वापस आई तब सारी बातों की जानकारी दी।
उक्त बयान के आधार पर नावाडीह थाना में मामला दर्ज किया गया। आरोप पत्र समर्पित होने के बाद मामला स्थानांतरित होकर जिला जज द्वितीय सूर्य मणि त्रिपाठी के न्यायालय में आया। न्यायालय में उपलब्ध गवाह और उभय पक्षों के अधिवक्ता के बहस सुनने के बाद जिला जज द्वितीय त्रिपाठी ने अभियुक्त मुमताज मियां को दुष्कर्म के मामले में सिद्ध दोषी पाने के बाद बारह वर्ष सश्रम कारावास और बीस हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। सजा सुनाई जाने के बाद अभियुक्त को तेनुघाट जेल भेज दिया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक विजय कुमार एवं नवीन कुमार मिश्रा ने मामले में बहस की।
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