गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन से मुख्यमंत्री का प्रत्याशी घोषित होते ही तेजस्वी के नाम से जननायक तेजस्वी यादव का पूरे बिहार में पोस्टर लगाया जा रहा है। इसे लेकर महागठबंधन और विरोधी दलों के बीच एक नया चर्चा का विषय बन गया है।
राजद के महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने भी इस पोस्टर पर अपनी आपत्ति जताई है। तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप यादव ने भी तेजस्वी के जननायक वाले पोस्टर पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जो खुद को जननायक कहते हैं, उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। तेजप्रताप ने कहा कि, कर्पूरी ठाकुर, राम मनोहर लोहिया, डॉ भीमराव अंबेडकर और महात्मा गांधी ही सच्चे जननायक हैं। उन्होंने समाज और देश के लिए काम किया, इसलिए उन्हें जननायक कहा जाता है।
इस बावत वैशाली जिले के मतदाताओं का कहना है कि तेजप्रताप अपने नए संगठन जनशक्ति जनता दल के माध्यम से युवाओं और हाशिये पर खड़े वर्गों को साधने की कोशिश कर रहे हैं। वे खुद को जनता का नेता के रूप में पेश करना चाहते हैं, जबकि परिवार की राजनीतिक विरासत से दूरी बना रहे हैं।
तेजप्रताप का यह बयान स्पष्ट रूप से उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना माना जा रहा है। हाल के महीनों में तेजप्रताप यादव लगातार यह जताते आए हैं कि वे पारंपरिक पारिवारिक राजनीति से अलग अपनी राह बनाना चाहते हैं। उनके इस बयान के बाद से बिहार के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
खास यह कि आरजेडी खेमे से हालांकि इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अंदरखाने में यह माना जा रहा है कि तेजप्रताप का यह रुख यादव परिवार में बढ़ती राजनीतिक खींचतान को और उजागर करता है।
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