एस. पी. सक्सेना/बोकारो। सेल के बोकारो इस्पात संयंत्र के शीत बेलनशाला नंबर तीन के हाइड्रोजन प्लांट में कार्यरत ठेका मजदूरों ने 2 मई को प्लांट गेट के समीप आमरण अनशन शुरु कर दिया है।
जानकारी के अनुसार मुख्य महाप्रबंधक सीआरएम 3 तथा ठेका कंपनी मेसर्स इलेक्ट्रोलाइजर लिमिटेड के सांठ-गांठ एवं प्रबंधन की तानाशाही के खिलाफ क्रांतिकारी इस्पात मजदूर संघ (एचएमएस) के बैनर तले मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय पर न्याय मिलने तक ठेका मजदूर आमरण अनशन पर बैठ गए।
अनशन पर बैठे ठेका मजदूरों ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि वे सभी एक जनवरी 2022 से उक्त कंपनी में कार्यरत है। सभी कामगार अपने कार्य में दक्ष है। जब कंपनी से नियमानुसार वेतन और हक की मांग की गयी तो हमें जबरन एक जनवरी 2024 को कार्यस्थल से धक्का मुक्की कर बाहर कर दिया गया।

साथ हीं उन्हें कहा गया कि दोबारा यहां दिखे तो मार भी पड़ेगी।न्याय की आस में हम सभी मुख्य महाप्रबंधक कार्यालय पर आमरण अनशन को मजबूर हैं। अनशन पर बैठे ठेका मजदूरों के उक्त मामले के बारे में संघ के महामंत्री सह सदस्य एनजेसीएस राजेंद्र सिंह ने कहा कि बीते एक मई यानी मजदूर दिवस के अवसर पर प्रबंधन एवं ठेका कंपनी का ऐसा व्यवहार साफ दर्शाता है कि बोकारो इस्पात प्रबंधन व् ठेका कंपनी मजदूर हित के प्रति कितने चिंतित है?
उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन प्लांट में कार्यरत ठेका मजदूरों की समस्याओं को लेकर बीते माह 27 अप्रैल को मुख्य महाप्रबंधक से हमारी बात हुई थी। हमें आश्वासन दिया गया था कि सभी मजदूरों के साथ न्याय होगा। बात होने के बाद मजदूरों को काम से बाहर निकाल देना साफ-साफ जाहिर करता है कि मामले में मुख्य महाप्रबंधक की भूमिका बेहद संदेहास्पद है।
महामंत्री सिंह ने कहा कि पूर्व में भी जिस भी ठेका मजदूर ने अपने हक की बात की है उन्हें सीआरएम 3 से बाहर का रास्ता देखना पड़ा है। इसके दो ही मायने है। या तो सीजीएम का कंपनी से कोई व्यक्तिगत लाभ है या फिर इस मामले में सेल प्रबंधन बेहद लचर है।
सिंह ने साफ लफ्जो में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर हाइड्रोजन प्लांट के ठेका मजदूरों को जल्द से जल्द न्याय नहीं मिला तो यूनियन संपूर्ण बोकारो स्टील प्लांट को बंद करने के लिए बाध्य होगी।
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