एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में गोमिया प्रखंड के कथारा चार नंबर स्थित कांग्रेस सह स्व. राजेंद्र प्रसाद सिंह स्मृति भवन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं की 25 जनवरी को एक अहम बैठक आयोजित किया गया। अध्यक्षता कांग्रेस के वरीय नेता सह बेरमो विधायक प्रतिनिधि व् आरसीएमयू के कथारा क्षेत्रीय अध्यक्ष अजय कुमार सिंह तथा संचालन कांग्रेसी नेता विजय कुमार यादव द्वारा किया गया।
बैठक में बेरमो प्रखण्ड प्रभारी सुबोध सिंह पवार के अलावे गोमिया प्रखंड अध्यक्ष पंकज पांडेय उर्फ टीलु पांडेय खास तौर से उपस्थित थे। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा हाल के दिनों में मनरेगा का नाम बदलने के विरोध को लेकर था। कहा गया कि जब से केन्द्र सरकार ने मनरेगा योजना का नाम बदला है, तब से ही कांग्रेस विरोध पर उतर आई है और इसका विरोध आगे भी चलने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
कहा गया कि कांग्रेस इस नाम बदलने की मुहिम को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अपमान से जोड़कर देख रही है। कांग्रेस जनों का मानना है कि अगर आपको नाम रखने की जिद्द पकड़ी हुई है तो कोई नई योजना गरीबों के हक में ले आते। इस तरह का नाम बदलने का खेल खेल कर गरीबों की हक मारी नही करनी चाहिए।
मौके पर वक्ताओं ने केंद्र के भाजपा सरकार को जमकर खरी खोटी सुनाई। साथ हीं कहा कि पहले अल्पसंख्यकों का विरोध, फिर इसाई समुदाय के त्योहार पर विरोध। अब ये भारत के धर्म गुरुओ का भी पहचान मांगने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। गोमिया प्रखंड अध्यक्ष पांडेय ने साफ शब्दों में कहा कि मेरा नाम मेरे पिता ने रखा। अब उस नाम को मेरे जीते जी नही बदला जा सकता।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अब प्रखंड और पंचायत स्तर पर इस आंदोलन को किया जायेगा और आमजनों को जागरूक किया जायेगा। कहा गया कि इसी क्रम में आगामी 29 जनवरी को गोमिया प्रखंड कार्यालय में धरना प्रदर्शन व ज्ञापन सौंपा जायेगा। बैठक के उपरांत उक्त स्थल से विरोध मार्च निकाला गया जो कथारा तीन नंबर स्थित पार्क तक जाकर वापस स्मृति भवन तक आकर समाप्त हो गई।
बैठक व् विरोध मार्च कार्यक्रम में उपरोक्त के अलावे कमलकांत सिंह, देवाशीष आस, महिला समाजसेवी सुनिता सिंह, सुजीत मिश्रा, आशीक अंसारी, सूर्यकांत त्रिपाठी, मुकेश गिरि, अश्वनी कुमार, सुरेश, भिखन कुमार, लक्की सिंह, जगदीश गोस्वामी, जगरनाथ प्रसाद, अर्जुन चौहान, संदीप कुमार, रवि चौहान, हरी नोनिया आदि दर्जनों समर्थक शामिल थे।
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