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घूसखोरी के आरोप में अंचल अमीन को दी गई अनिवार्य सेवा निवृत्ति

गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली के जिला पदाधिकारी यशपाल मीणा ने भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार करते हुए 30 अक्टूबर को जिला के हद में राघोपुर अंचल कार्यालय के घूसखोर अंचल अमीन राम नरेश मित्रा को कड़ी सजा देते हुए नौकरी से अनिवार्य सेवा निवृति दे दी है। आरोपी मित्रा दस हजार घूस लेते पकड़े गए थे।

जानकारी के अनुसार कंपलसरी रिटायरमेंट दिए गए अंचल अमीन मित्रा पर यह भी आरोप था कि उसने 30 नवंबर 2012 में गंगा ब्रिज थाना कांड संख्या 108/12 में भ्रामक रिपोर्ट दिया था, जिससे जिला पदाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से पटना हाई कोर्ट में पेश होना पड़ा था। मामले में गलत रिपोर्ट के कारण कोर्ट की प्रतिकूल टिप्पणी हुई थी।

आरोपी अंचल अमीन मित्रा को निगरानी की टीम ने 10 जून 2018 को दस हजार घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा था। तब से ये निलंबित थे। इन पर विभागीय कार्रवाई चल रही थी।
जिला पदाधिकारी मीणा ने अंचल अमीन के विरुद्ध गठित आरोप को प्रमाणित पाए जाने पर बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के सुसंगत नियम के तहत बड़ा दंड देते हुए नौकरी से अनिवार्य सेवानिवृति दे दी है।

इससे जिला के विभिन्न अंचल कार्यालयों के कर्मियों में हड़कंप मच गई है। इस कार्रवाई को लेकर वैशाली के जिला पदाधिकारी यशपाल मीणा ने कहा कि जिला प्रशासन एक स्वच्छ और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने के लिए वचनबद्ध है। इसी क्रम में उक्त कार्रवाई की गयी है।

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