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सोनपुर में 27वें श्रीब्रह्मोत्सव सह श्रीलक्ष्मीनारायण महायज्ञ की पूर्णाहुति

भगवान श्रीगजेंद्र मोक्ष बालाजी वेंकटेश का किया गया महाभिषेक

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में विश्व प्रसिद्ध हरिहरक्षेत्र सोनपुर के साधु गाछी में पिछले छह दिनों से चल रहे 27वें श्रीब्रह्मोत्सव सह श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ की एक फरवरी को भव्य पूर्णाहुति हो गया। यहां भगवान श्रीगजेंद्र मोक्ष का अष्टोत्तर शत कलषाभिषेक, पंचामृताभिषेक एवं दिव्य रसायनों आदि से महाभिषेक किया गया।

माघी पूर्णिमा के अवसर पर देश के कोने -कोने से पहुंचे हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने चल रहे महाभंडारा में महाप्रसाद ग्रहण किया। इससे पूर्व पालकी में सवार भगवान श्रीगजेन्द्र मोक्ष पालकी में नारायणी नदी घाट पर पहुंचे और पावन स्नान किया। भक्तों ने भी डुबकी लगाई। उसके बाद ध्वजा – आरोहण किया गया।

अन्न दान से बड़ा जगत में कोई बड़ा दान नहीं-स्वामी लक्ष्मणाचार्य

श्रीगजेंद्र मोक्ष देवस्थानम दिव्य देश पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी लक्ष्मणाचार्य जी महाराज ने यज्ञ की पूर्णाहुति के अवसर पर अन्न दान की महिमा को सर्वोपरि बताया। उन्होंने कहा कि अन्न दान से बड़ा जगत में कोई दान नहीं है। संसार में किसी भी व्यक्ति के पास कितना भी सोना, चांदी, हीरा, मोती या वस्त्रालंकार हो जाए लेकिन अन्न नहीं दिया जाए, भोजन नहीं दिया जाए तो सब धन बेकार हो जाता है या बेकार प्रतीत होता है।

स्वामी लक्ष्मणाचार्य ने कहा कि श्रीगजेन्द्र मोक्ष देवस्थानम नवलखा मंदिर में केवल माघ में ही नहीं बल्कि सालों भर यहां आयोजित होने वाले विभिन्न उत्सवों, कार्यक्रमों रामनवमी, जन्माष्टमी, नरसिंह चतुर्दशी, वामन द्वादशी, नवरात्र महोत्सव, सोनपुर मेला, श्रीलक्ष्मी नारायण महायज्ञ, प्रत्येक एकादशी एवं अल्वारों की जयंतियों पर भी भंडारा का आयोजन चलता रहता है। इस मौके पर वृंदावन से पहुंचे वृंदावन पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी चतुर्भुजाचार्य, झारखंड पीठाधीश्वर विष्णुचित जी महाराज एवं पटना, आरा, बक्सर, छपरा, वैशाली, मुजफ्फरपुर, इंदौर, मुंबई, दरभंगा आदि जगहों से पहुंचे भक्तगण भी मौजूद थे।

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