हुड़दंगी शिष्यों ने शिक्षकों को किचड़ से कर दिया सराबोर
गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। होली का त्योहार हिंदुओ के लिए मस्ती, उमंग, भाईचारा का त्योहार है, जो बिहार में अमूनन तीन दिनों तक मनाया जाता है।
अमूनन अगजा या होलिका दहन के बाद दूसरे दिन धूल मिट्टी से होली के रंगोत्सव की शुरुआत होती है। अगले दिन होली मनाई जाती है। ऐसे में यदि होली के दिन भी स्कूल भी खुला रहे तो उसका अलग हीं नजारा देखने को मिलेगा। बिहार में होली का एक अपना महत्व है। इस वर्ष 24 मार्च के अगजा के बाद बिहार में होली में आइये न, स्कूल खुला है! होली के त्यौहार में!
वैशाली में 25 मार्च और 26 मार्च को मनाई जा रही है होली
ज्ञात हो कि, बिहार के वैशाली जिले में अधिकांश जगहों पर होली 25 मार्च को ही मनाई गई। जिला मुख्यालय हाजीपुर शहर में भी आज ही होली मनाई गई। ग्रामीण तथा शहरवासी जमकर होली खेले।
इस वर्ष की होली बिहार के सरकारी स्कूलों के मास्टर साहब के लिय यादगार होली बन गई। पहली बार बिहार सरकार के फरमान पर 25 मार्च को भी सरकारी स्कूल खुले रहे। शिक्षको में शिक्षा विभाग के चेयरमैन के. के. पाठक साहब का इतना भय है कि सभी शिक्षक समय से विद्यालय पहुंचे, लेकिन छात्र नदारत रहे।
शिक्षको के स्कूल पहुंचने की खबर पाकर छात्र अपने शिक्षको से होली खेलने स्कूल पहुंच गए। दो-चार छात्र बैग लेकर पहुंचे भी तो उनका चेहरा देखने लायक था। छात्रों के शरीर से शर्ट नदारद। बताया जाता है कि स्कूल खुला होने की सूचना पाकर कुछ उदंड छात्रों और ग्रामीणों ने स्कूल आए शिक्षक व् शिक्षिकाओं को कीचड़ से नहला दिया। बेचारे मास्टरजी!
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