गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली के जिलाधिकारी यशपाल मीणा ने बीते 19 अक्टूबर को जिला मुख्यालय हाजीपुर स्थित समाहरणालय परिसर के विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। जिलाधिकारी के निरिक्षण के दौरान जहां जिलाधिकारी अप-टू-डेट दिखे, वहीं उन्होंने कई विभागों में कमी पाये जाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी सबसे पहले हाजीपुर अनुमंडल कार्यालय पहुँचे। अनुमंडल कार्यालय गोपनीय प्रशाखा के निरीक्षण में उपस्थित कर्मियों के पास आई-कार्ड नहीं था। जिसपर अनुमंडल पदाधिकारी हाजीपुर को कार्यालय के सभी कर्मियों को आई-कार्ड आज ही निर्गत करने का निर्देश दिया गया।
साथ हीं यह भी कहा गया कि अपने कार्यालय सहित समाहरणालय परिसर में आम लोगों की उपस्थिति का औचक जाँच करें, ताकि कार्यालयों में लोगों की उपस्थिति अकारण नही हो। जिलाधिकारी ने डीसीएलआर हाजीपुर कार्यालय का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान यह पता चलने पर कि डीसीएलआर कोर्ट रूम के अभाव में अपने चैंबर में ही कोर्ट करते हैं, जिलाधिकारी मीणा ने डीसीएलआर हाजीपुर को न्यायालय कार्य के लिए अनुमंडल न्यायालय कक्ष का उपयोग करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी द्वारा निरिक्षण के दौरान महिला हेल्प लाईन के परियोजना प्रबंधक प्रियंका कुमारी एवं परामर्शी कार्तिक कुमार अनुपस्थित पाये गये। जिसे 24 घंटा के भीतर स्पष्टीकरण का जबाब देने का निर्देश दिया गया।
अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के कार्यालय का भी उन्होंने निरीक्षण किया। यहां पदाधिकारी अनुपस्थित पाये गये, जिसपर स्पष्टीकरण देते हुए 24 घंटा के भीतर जबाब देने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने जिला भू-अर्जन कार्यालय, आईसीडीएस कार्यालय और पुस्तकालय का भी निरीक्षण किया। साथ ही समाहरणालय परिषर में अनधिकृत रूप से खड़ी मोटरसाइकिल और कार का चालान काटने का निर्देश दिया ।
बताया जाता है कि जिलाधिकारी के समाहरणालय परिसर स्थित कार्यालयों के निरीक्षण किये जाने की जानकारी मिलने पर परिसर के कार्यालयो में अफ़रा तफ़री का माहौल हो गया। नकल खाना, डीसीएलआर कार्यालय, एसडीओ कार्यालय में उपस्थित दलाल और नाजायज़ टूटपुजिए चुपचाप निकल गए।
बताया जाता है कि कुछ धुरन्धर कर्मचारी जिनका पोस्टिंग दूसरे जगह है अपना प्रति नियोजन कराकर मुख्यालय में रह रहे हैं। साथ ही जिलाधिकारी नकलखाना खतियान ऑफिस और रेकर्ड रूम तक जिलाधिकारी नही पहुंच सके, जहाँ जनता को लूटने के लिये लुटेरे बैठे हैं।
खैर जिलाधिकारी के निरीक्षण के बाद 20 अक्टूबर को समाहरणालय परिसर स्थित कार्यालयों के कर्मचारी औऱ पदाधिकारी कार्यालय पहुंचे और सभी कर्मचारी अप-टू-डेट अपने आई कार्ड में दिखे।
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