श्रमिकों के स्वस्थ से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं-अजय कुमार सिंह
एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के कथारा कोल वाशरी एवं कथारा कोलियरी जाने का मुख्य एक ही मार्ग है। लगभग प्रत्येक दिन उक्त मार्ग पर 1000 श्रमिक आना-जाना करते हैं।
ज्ञात हो कि, कथारा ओपी चार नंबर के पास से रीजनल सब स्टेशन तक का मुख्य मार्ग काफी संकीर्ण हो चुका है। कचरा तथा मलवा रोड पर बिखरा पड़ा है। नाली का पानी सड़क किनारे काफी मात्रा में हमेशा जमा रहता है।
जिससे हमेशा श्रमिकों को दुर्घटना का भय बना रहता है। कार्यस्थल पहुंचने की आपाधापी एवं कार्य स्थल से घर पहुंचने की जल्दबाजी होती है। ऐसे में उक्त मार्ग पर हमेशा दुर्घटना की संभावना प्रबल बनी रहती है।
बताया जाता है कि कई बार तो आवागमन के क्रम में यहां कई श्रमिक चोटिल हुए हैं। वही रीजनल सब स्टेशन से वाशरी मुख्य द्वार तक आने जाने में प्रदूषण से कामगारों तथा राहगीरों के स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है। प्रबंधन की व्यवस्था महीना में एक दो बार खानापूर्ति के ख्याल से जल का छिड़काव होता है।
अधिकांश दिन रहिवासी प्रदूषण का शिकार होते रहते हैं। ऐसे में प्रबंधन की उदासीन रवैया श्रमिकों के सेहत के ऊपर बुरा प्रभाव डाल रहा है। प्रबंधन की कमजोर इच्छा शक्ति के कारण उपरोक्त स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
कोलियरी तथा वाशरी प्रबंधन के पास व्यवस्थाएं तो है, लेकिन उसका सदुपयोग नहीं होना गंभीर मसला है। समय रहते प्रबंधन अगर नहीं चेता तो प्रदूषण विभाग में शिकायत दर्ज करते हुए लापरवाह प्रबंधन के ऊपर कार्रवाई की मांग की जाएगी।
इस संदर्भ में राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन कथारा क्षेत्रीय अध्यक्ष व् विधायक प्रतिनिधि अजय कुमार सिंह ने 7 जून को एक भेंट में कहा कि सिविल विभाग अपने कार्य का निगरानी सही ढंग से नहीं कर पा रही है। व्यवस्था के शीर्ष पर बैठे अधिकारी कमीशन खोरी में मशगूल हैं।
जबकि पानी टैंकर के संदर्भ में महाप्रबंधक का भी ध्यान आकृष्ट करते हुए ठोस पहल किए जाने का मांग किया गया। प्रबंधन द्वारा आश्वासन के सिवाय समस्या निराकरण पर ध्यान नहीं दिया जाना चिंता का विषय है। सिंह ने कहा कि इसी प्रकार अगर मजदूरों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया गया तो प्रबंधन को गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।
181 total views, 1 views today