रैक डी-रेल होने से कोयला ढुलाई प्रभावित

चौबीस घंटा बाद भी नहीं हो सका रेल लाईन चालू, सड़क मार्ग से आवागमन प्रभावित

एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में सीसीएल कथारा क्षेत्र के जारंगडीह रेलवे साइडिंग प्लेटफार्म क्रमांक 2 से कोडरमा पावर प्लांट कोयला ले जा रहे रेलवे रैक बीते 21 अक्टूबर की संध्या डी-रेल (बेपटरी) हो गया। रैक बेपटरी होने से रेल मार्ग से होनेवाले क्षेत्र का कोयला ढुलाई पूरी तरह प्रभावित है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 21 अक्टूबर की संध्या लगभग छह बजे जारंगडीह प्लेटफॉर्म क्रमांक 2 से कोयला लेकर 58 बक्सा का रैक रेलवे स्टेशन ले जा रहा था। इस दौरान रेलवे वे-ब्रिज तथा मांझी टोला के बीच कोयला लोड चार वैगन बेपटरी होकर उतर गया।

जिसके कारण मांझी टोला तथा सीसीएल जारंगडीह अस्पताल मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो गया। बताया जाता है कि 22 अक्टूबर की दोपहर रेल महाकमा द्वारा बेपटरी हुए रेलवे बैगन को पुनः पटरी पर लाने का प्रयास किया गया। बावजूद इसके रेल विभाग को संध्या तक किसी प्रकार की सफलता नहीं मिल पाया। जिसके कारण समाचार प्रेषण तक उक्त रेल मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित है।

साथ ही जारंगडीह अस्पताल सड़क मार्ग पर बाबू क्वाटर, सोलह नंबर, चीफ़ क्वार्टर, मांझी टोला आदि जगहों के रहिवासियों को आवागमन में खासे परेशानी झेलना पर रहा है। खासकर दुर्गा पूजा पर्व को लेकर उक्त स्थलों में रहने वाले कॉलोनी वासियों को परेशानियों से दो-चार होना पर रहा है।

इस संबंध में वे-ब्रिज में जारंगडीह परियोजना कर्मी सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि लाख प्रयास के बाद भी अब तक वैगन को पटरी पर नहीं लाया जा सका है। साइडिंग प्रबंधक अजीत कुमार सिंह से पूछे जाने पर कहा कि उक्त रैक का दायित्व जब तक साइडिंग में था, तब तक सीसीएल प्रबंधन का बनता था।

उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर की संध्या 5:50 बजे साइडिंग से रैक निकल चुका था, इसलिए उनका कोई जवाबदेही नहीं है। ऐसे में यह कहना वाजिब है कि एक दूसरे विभाग पर दोषारोपण के कारण अब तक जहां एक ओर रेलवे को लाखो का चपत लग चुका है। वहीं दूसरी ओर सीसीएल प्रबंधन भी इससे अछूता नहीं है।

समाचार प्रेषण तक उक्त घटना के चौबीस घंटा बीतने के बाद भी उक्त रैक को घटनास्थल से नहीं हटाया जा सका है जिसके कारण पैदल यात्री तथा दोपहिया वाहन चालक अपनी जान जोखिम में डालकर जारंगडीह साइडिंग से रेलवे लाईन पार कर गंतव्य तक जाने को विवश है।

एक अन्य जानकारी के अनुसार जारंगडीह स्थित एलएनटी कंपनी का क्रेशर 22 अक्टूबर की दोपहर ब्रेकडाउन हो गया। स्थानीय प्रबंधन के अनुसार 6 नंबर क्रशर का ड्रम पुलिंग का सॉफ्ट टूट जाने के कारण दोपहर लगभग 3:30 बजे से उक्त क्रशर ब्रेकडाउन है। जिसके कारण कोयले का क्रसिंग प्रभावित हो रहा है। जिसके कारण जारंगडीह क्वायरी से कोयला लेकर साइडिंग क्रशर के पास पहुंचे दर्जनों डंपर सड़क किनारे खड़ी है।

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