आर्थिक रूप से कमजोर छात्राओं को मिलेगा सहारा
नंद कुमार सिंह/फुसरो (बोकारो)। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्राओं के लिए जी.वी राघवन शताब्दी स्मृति छात्रवृत्ति योजना की शुरुआत की गई है। गिरिडीह के राघवन परिवार ने इस योजना के लिए 1 करोड़ रुपए की निधि प्रदान की है।
जानकारी के अनुसार यह छात्रवृत्ति खनन इंजीनियरिंग, अनुप्रयुक्त भू-विज्ञान, अनुप्रयुक्त भू-भौतिकी और पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में प्रवेश पाने वाली छात्राओं को दी जाएगी। प्रति वर्ष चार से पांच छात्राओं को इस स्कॉलरशिप का लाभ मिलेगा। छात्रवृत्ति की राशि एक करोड़ रुपए के ब्याज से प्रदान की जाएगी।
आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के गोल्डन जुबली लेक्चर थियेटर में आयोजित उद्धाटन समारोह में कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष पी.एम. प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के निदेशक सुकुमार मिश्रा ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में भाग लिया।
राघवन परिवार के आर.वी. रघुनंदन ने 20 अप्रैल को बताया कि यह एक स्थायी योजना है। उनके पिता गोपाल वीर राघवन वर्ष 1946 में तमिलनाडु से गिरिडीह आए थे। वे माइका व्यवसायी थे और ट्रेड यूनियन के माध्यम से मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते थे।

वे बच्चियों की शिक्षा के लिए हमेशा प्रयासरत रहे। यह पहल इंजीनियरिंग क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में मददगार साबित होगी। साथ ही यह आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की समावेशी और न्यायसंगत शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।
ज्ञात हो कि, उन्हीं के पुत्र हिंद मजदूर सभा से संबंद्ध कोल फील्ड मजदूर यूनियन के महामंत्री आर वी रघुनंदन एवं पुत्रवधू प्रभा रघुनंदन गिरिडीह के विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़कर समाजसेवा का काम करते हैं। इधर, राघवन परिवार द्वारा छात्राओं की छात्रवृत्ति के लिए एक करोड़ रुपए दिए जाने से आम जनों में हर्ष है। इस अवसर पर सीएमयू के ढ़ोरी क्षेत्रीय सचिव आर उनेश व अध्यक्ष राजू भूखिया आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।
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