नेतरहाट से रांची लौटने के क्रम कुडू में रुके सीएम

एस.पी.सक्सेना/लोहरदगा(झारखंड)। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (C.M Hemant soren) 21 नवंबर को नेतरहाट (Netarhat) के तीन दिवसीय दौरे से रांची लौटने के क्रम में लोहरदगा के कुडू में रुके। कुडू स्थित अजय ढाबा में मुख्यमंत्री का स्वागत जिला उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो और पुलिस अधीक्षक प्रियंका मीना ने की। उपायुक्त के साथ मुख्यमंत्री ने जिले में कोरोना की रोकथाम समेत अन्य विषयों पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मौके पर लोहरदगा जिले में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर जानकारी ली और इस पर नियंत्रण रखने व इसके प्रसार को रोकने के लिए अधिक से अधिक लोगों की जांच करने, लगातार कोरोना संक्रमितों की मॉनिटरिंग करने, लोगों से आवश्यक सामाजिक दूरी का पालन कराने, सार्वजनिक स्थानों पर हमेशा मास्क का प्रयोग आवश्यक रूप से पालन कराने का निर्देश दिया। इसके पूर्व उपायुक्त टोप्पो एवं पुलिस अधीक्षक मीना ने लोहरदगा-गुमला सीमा के गम्हरिया से मुख्यमंत्री की आगवानी की।
मुख्यमंत्री के दौरे के क्रम में उपायुक्त द्वारा लोहरदगा जिले के चौमुखी विकास को लेकर कुछ महत्वाकांक्षी योजनाओं सहित जनकल्याण से संबंधित एक ज्ञापन मुख्यमंत्री सोरेन को सौंपा। जिसमें निम्नलिखित विषयों पर प्रकाश डाला गया है:-
1. बाईपास रोड का निर्माण-लोहरदगा शहर का अस्तित्व रांची शहर से भी पुराना है । लोहरदगा में यातायात के लिए जो व्यवस्था पूर्व से थी वह अब भी बरकरार है। अब जिला बनने एवं आबादी बढ़ने के कारण यह व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। शहर के बीच से घाघरा, कुडू जाने का रास्ता गुजरती हैं जिसमें काफी बड़ी वाहने चलती हैं। साथ ही लोहरदगा शहरी क्षेत्र से होकर हिण्डाल्को कम्पनी के बगड़, सेरेंगदाग माईन्स के बाक्साईट से लदे वाहन काफी संख्या में गुजरते हैं। जिससे प्रायः शहरी क्षेत्र में जाम की स्थिति एवं दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इससे आम नागरिकों को आवागमन में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति से निपटने के लिए बाईपास रोड की नितांत आवश्यकता है। अतः बाईपास रोड बनाने के लिए पथ निर्माण विभाग को निदेश दिया जाये।
2. पुंदाग एवं हुसरू नदी पर पुल का निर्माण- जिले का पेशरार प्रखंड उग्रवाद की समस्या से पूरी तरह से प्रभावित है। प्रखंड मुख्यालय से सेरंगदाग, मन्हेपाट आदि बड़े क्षेत्रों को प्रखंड मुख्यालय से जोड़ने के मार्ग में दो नदियां पड़ती हैं। जिस पर पुल अब तक नहीं रहने के कारण इस क्षेत्र के लोगों को यातायात में काफी परेशानी होती है। साथ ही विकास कार्य बुरी तरह से प्रभावित होते हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए पुनदाग नाला एवं हुसरू नदी पर पुल बनाये जाने की आवश्यकता है। अतः इस पुल के निर्माण हेतु ग्रामीण विकास विभाग (ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल) को निदेश दिया जाये। इन दोनो पुलों के निर्माण में लगभग 5.00 करोड़ (पांच करोड़) व्यय होने की संभावना है।
3. हाल सर्वे खतियान में व्याप्त त्रुटियों के निराकरण हेतु Rectification/Correction करने के लिए वैधानिक निर्णय लेने के संबंध में-लोहरदगा जिले का कैडस्ट्रल सर्वे वर्ष 1908, रिविजनल सर्वे वर्ष 1932 में प्रकाशित हुआ था। हाल सर्वे की शुरूआत वर्ष 1975 एवं इसका ड्राफ्ट प्रकाशन अलग-अलग ग्रामों का वर्ष 1989 से प्रारम्भ हुआ। जिसका अंतिम प्रकाशन छोटानागपुर कास्तकारी अधिनियम की धारा 83 (2) जनवरी 1994 से अलग अलग तिथियों में की गयी एवं छोटानागपुर कास्तकारी अधिनियम 1908 की धारा 84 की उपधारा (2) के तहत् गजट अधिसूचना अंचल लोहरदगा के अंतर्गत कुल 43 राजस्व ग्राम में से एक मौजा निंगनी थाना क्रमांक 144 को छोड़कर कुल 42 राजस्व ग्राम, सेन्हा अंचल के 88 राजस्व ग्राम, भण्डरा अंचल के 56 राजस्व ग्राम, कुडू अंचल के 76 राजस्व ग्राम एवं अंचल किस्को के कुल 91 राजस्व ग्रामों के अधिकार का अभिलेख का अंतिम प्रकाशन छोटानागपुर कास्तकारी अधिनियम 1908 की धारा 83 उपधारा (2) के अंतर्गत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग झारखंड के अधिसूचना संख्या-302/सर्वे, दिनांक-25.09.2006 के द्वारा किया गया। शेष बचे लोहरदगा अंचल के एक ग्राम निंगनी थाना नं 144 का गजट प्रकाशन 8 जनवरी 2012 को किया गया। हाल सर्वे खतियान एवं पंजी-॥ का online Entry वर्ष 2016-17 में किया गया। वर्तमान में इसी को आधार मानकर राजस्व संबंधी कार्य सम्पादित किये जा रहे हैं। Online Entry किये गये खतियान एवं पंजी-॥ के आधार पर राजस्व कार्य के सम्पादन के क्रम में गम्भीर त्रुटि प्रकाश में आ रही है। इन त्रुटियों के निराकरण के लिए Rectification/Correction जैसे विकल्प के संबंध में छोटानागपुर कास्तकारी अधिनियम की धारा 1908 की धारा 90 एवं धारा 264 के अधीन वैधानिक निर्णय लेने हेतु राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग को निदेश दिया जाये जिससे कि आम नागरिकों / रैयतों को सुलभ, समुचित न्याय स-समय मिल सके।
4. जलापूर्ति की समस्या-वर्तमान में लोहरदगा शहरी क्षेत्र में पूर्व की व्यवस्था से जलापूर्ति की जा रही है जो पर्याप्त नहीं है। जलापूर्ति के लिए पूर्व में लगाये गये पाईप काफी पुराने हो चुके हैं एवं क्षतिग्रस्त भी हो गये है । साथ ही आबादी बढ़ने के कारण इसमें नये सिरे से कार्य कराये जाने की आवश्यकता है। इस संदर्भ में डीपीआर बनाने का काम चल रहा है। लोहरदगा शहरी क्षेत्र में पेयजलापूर्ति की समस्या को देखते हुए नगर विकास विभाग को निर्देश देने की कृपा की जा सकती है कि डीपीआर को शीघ्र अंतिम रूप देते हुए जलापूर्ति की योजना पर कार्य प्रारंभ किया जाय।
5. जिला सदर अस्पताल का निर्माण-वर्तमान में जिले में संचालित सदर अस्पताल मानक के अनुसार नहीं है। जिसके कारण चिकित्सीय कार्य में परेशानियां हो रही है। सदर अस्पताल में मात्र 50 वेड ही उपलब्ध है। जिससे चिकित्सीय कार्य में कठिनाईयां होती है । ऐसी स्थिति में कोविड-19 महामारी से आम नागरिकों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु निजी (प्राईवेट) अस्पताल ‘संत उर्सला अस्पताल’ लोहरदगा को अधिगृहित करने की आवश्यकता पड़ी थी। इस समस्या के निदान हेतु नया सदर अस्पताल निर्माण किया जाना नितांत आवश्यक है। लोहरदगा जिला में एक नया सदर अस्पताल निर्माण कराये जाने की आवश्यकता है। इसके लिए भूमि चिन्हित किया जा चुका है। उक्त समस्या के निदान हेतु स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग को नया सदर अस्पताल निर्माण के संबंध में अग्रेतर कार्रवाई का निदेश देने की कृपा की जा सकती है ।
6. पेशरार प्रखंड में आर्थिक विकास हेतु नाशपाती खेती-पेशरार प्रखंड पूर्णतः उग्रवाद प्रभावित प्रखंड है। इस प्रखंड के ग्रामीणों को आर्थिक गतिविधि से जोड़ने एवं आर्थिक विकास हेतु विरसा हरित ग्राम योजना के तहत(मनरेगा) लगभग 500 एकड़ में नाशपाती बागवानी की योजना तैयार की गयी है तथा प्रस्ताव मनरेगा आयुक्त को भेजा जा चुका है । उक्त प्रस्ताव पर यथाशीघ्र स्वीकृति का निदेश ग्रामीण विकास विभाग को देने की कृपा की जा सकती है ।
जिले के पदाधिकारियों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री रांची स्थित मुख्यमंत्री आवास के लिए प्रस्थान कर गए।
इस मौके पर मुख्य रूप से बेरमो विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनुप सिंह, लोहरदगा के उप विकास आयुक्त अखौरी शशांक सिन्हा, एसडीओ अरविंद कुमार लाल, सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार, डी एस पी लोहरदगा परमेश्वर प्रसाद, विशेष कार्य पदाधिकारी अमित बेसरा, जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी पलटू महतो, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा ए आई उरांव, बीडीओ कुडू मनोरंजन कुमार, बीडीओ सदर राजेश डुंगडुंग, बीडीओ सेन्हा अशोक चोपड़ा समेत अन्य मौजूद थे।

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