डीएवी गुवा में वैदिक हवन के साथ कक्षा एकादश विज्ञान संकाय की शुरुआत

विद्यालय के हर बच्चों को तराशा जाएगा -प्राचार्य

सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। उच्च शिक्षा प्रदान करने में दयानंद एंग्लो वैदिक संस्था किसी भी दृश्टिकोण से पीछे नहीं है। संस्था का सतत प्रयास है यहां अध्ययनरत बच्चे उच्च शिक्षा प्राप्त कर देश की मिसाल बने एवं देश का नाम उज्जवल करें।

उक्त बातें वैदिक मंत्रों, शांति मंत्र व हवन पाठ करते हुए पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में डीएवी पब्लिक स्कूल गुवा के प्राचार्य डॉ मनोज कुमार ने बीते 5 जुलाई को स्कूल में हवन करते हुए कही।

इस अवसर पर जन कल्याण के लिए आहूत हवन विद्यालय परिवार द्वारा किया गया। स्कूल के प्राचार्य एवं शिक्षकों के द्वारा डीएवी पब्लिक स्कूल गुवा में कक्षा 11 वी विज्ञान संकाय के नए सत्र में नामांकन लिए गए नए बच्चों का स्वागत किया गया।

साथ ही वैदिक हवन के माध्यम से बच्चों के उज्जवल भविष्य व मंगलमय जीवन के लिए ईश्वर से कामना की गयी। हवन कार्यक्रम धर्म शिक्षक आशुतोष शास्त्री व राजवीर सिंह के अगुआई में हुई।

मौके पर ग्रीष्मावकाश के उपरांत आयोजित वैदिक हवन मे प्राचार्य डा मनोज कुमार ने स्कूल के शिक्षको को अभिभावकों के भावनाओं पर पूरी तरह से खरा उतरने के लिए मार्गदर्शित किया। साथ ही कहा कि शिक्षक के हाथो में बच्चो का भविष्य होता है। प्राचार्य द्वारा बच्चो का हवन कार्यक्रम को शिक्षाप्रद बना बच्चों को जीवन में उच्च पथ पर अग्रसर होने के लिए सारगर्भित संदेश दिया गया।

बच्चों को अध्ययन की सही विधि की चर्चा के साथ-साथ समय के सदुपयोग के लिए भी उन्हें प्रेरित किया गया। उन्होंने बच्चो को आईएएस,आईपीएस व अन्य प्रशासनिक पदाधिकारी बन देश की रक्षा करने का संदेश दिया l उन्होने बच्चो को श्रवण शक्ति बढ़ाने के लिए प्रेरित कर कक्षा में पूरे ध्यान से पढ़ने के साथ साथ शिक्षको के पढ़ाए गए बातो को सुनने के लिए दिशा निर्देश दिए।

प्राचार्य ने बच्चो की सेल्फ स्टडी का महत्व बता न्यूनतम चार घंटे नियमित अध्ययन करने को कहा। प्राचार्य डॉ मनोज कुमार ने कहा कि डीएवी गुवा के हर बच्चों को तराशा जाएगा तथा उसमे हीरे जैसी चमक लायी जाएगी। उन्होंने शिक्षको को हर विद्याथियो पर ध्यान रख उनके जीवन को शिक्षा की ओर अग्रसर कर एक टर्निग प्वॉइंट के रुप पथ प्रदर्शक बनने को कहा।

उन्होंने बच्चों को बताया कि पुराने जमाने में ऋषि मुनियों के द्वारा हवन की जाती थी। हवन करने से नई ऊर्जा के साथ संस्कार का संचालन होता है। उन्होंने बच्चों को अनुशासित ढंग से स्कूल के नियमों को अनुपालन करने के लिए प्रेरित किया।

हवन मे मुख्य रुप से शिक्षको में अनन्त कुमार उपाध्याय, जयमंगल साव, नीलम सहाय, दीपा राय, मोनिका महंता, योगेन्द्र त्रिपाठी, विकास मिश्रा, कुमार कश्यप व अन्य के अतिरिक्त स्कूल के बच्चो के साथ -साथ कार्यालय के वरीय लिपिक संजीव सिंहा, प्रभुकेश्वर पंडित व अन्य उपस्थित थे ।

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