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नृत्य कौशल का प्रदर्शन कर बच्चों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

ऐसे प्रतियोगिता से बच्चों में रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति का विकास होता है-बंदना

एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिला मुख्यालय के विवेक-विहार मुहल्ला में संत पाॅल एकेडमी द्वारा स्कूली बच्चों के बीच नृत्य कौशल का प्रदर्शन किया गया। जिसमें 50 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। बेहतर प्रदर्शन करनेवाले बच्चों को सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर उपस्थित स्कूली बच्चों ने मनमोहन नृत्य कौशल का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर थिरकने को विवश कर दिया। एक से बढ़कर एक स्कूली बच्चों का नृत्य घंटों चमक बिखेरती रही और न सिर्फ उत्साहित बच्चे बल्कि शिक्षक एवं अविभावक भी तालियां बजाकर बच्चों का उत्साहबर्धन करते रहे। हिप-हाॅप, कंटेम्पररी, भारतीय शास्त्रीय नृत्य, डिस्को डांस आदि पर बच्चे जमकर नाचे।

अवसर था वार्षिक डांस प्रतियोगिता का। इसका आयोजन 14 अगस्त को संत पाॅल एकेडमी द्वारा शहर के विवेक-विहार मुहल्ला स्थित स्कूल परिसर में आकर्षक मंच बनाकर किया गया था। स्कूली बच्चे यथा आयुषी, नंदनी, संग्राम, सृष्टि, आस्था, अनोखी, आरूषि, वैष्णवी, स्वाति, अनन्या, आरोही, संध्या, नव्या, राधिका, स्वीटी, अर्नव, इशानवी, सोनाक्षी, रितिका, पल्लवी, निशू, मानसी, नैना समेत 50 से अधिक बच्चे-बच्चियों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।

मौके पर शिक्षिका बंदना कुमारी, अर्चना शरण, शिक्षक निशांत कुमार, भूषण कुमार झा, गोपी रमण झा, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, संतोष कुमार आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम की तैयारी में राजीव कुमार आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाया। जानकारी देते हुए विद्यालय के प्रिंसिपल संजय कुमार ने कहा कि इस कंपटीशन में विभिन्न उम्र के खासकर छोटे बच्चे-बच्चियों ने भाग लिया है। इसका मूल्यांकन किया जाएगा और बेहतर परफोर्मर को पुरस्कृत किये जाएंगे। उन्होंने कहा कि दुनिया का सबसे बेहतर कला गीत-नृत्य माना जाता है।

ऐसे प्रतियोगिता बच्चों में अपने कौशल सुधार करने के लिए प्रेरित करती हैं। कहा कि नर्तकों को मंच पर प्रदर्शन करने का अनुभव मिलता है। वे अपने रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति का प्रदर्शन करते हैं। शिक्षिका बंदना कुमारी ने कहा कि ऐसे प्रतियोगिता से बच्चों में रचनात्मकता एवं अभिव्यक्ति का विकास होता है। उन्होंने कहा कि यह विद्यालय सिर्फ पढ़ाई के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि कौशल, रचनात्मकता, विज्ञान, कला, गीत-नृत्य आदि के क्षेत्रों में बच्चों को प्रेरित करती है।
प्रतियोगिता का सफल आयोजन के लिए व्यवस्थापक संतोष कुमार ने शिक्षक, शिक्षिका, बच्चों, अभिवावक, कर्मी आदि के प्रति धन्यवाद ज्ञापन किया।

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