ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। भारत सरकार (Indian Government) के गृह मंत्रालय के महत्वपूर्ण कार्यक्रम जनजाति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के तहत 14 दिसंबर को गिरिडीह स्थित सीआरपीएफ 7वीं बटालियन कैंप परिसर से नेहरू युवा केंद्र के सहयोग से बच्चों को भोपाल रवाना किया गया।
जानकारी के अनुसार गिरिडीह जिला (Giridih District) के हद में गांडेय प्रखंड के बच्चों को मध्यप्रदेश के भोपाल के लिए रवाना किया गया। इसे लेकर 7वीं बटालियन सीआरपीएफ कैंप परिसर में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में 7वीं बटालियन सीआरपीएफ के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) कपिल गिल, समादेष्टा (कमांडेंट) राजेश्वर सिंह यादव, द्वितीय कमान अधिकारी सिद्धार्थ, आलोक रंजन, उप कमांडेंट मेजर पन्नालाल ठाकुर, उप निरीक्षक जीडी पीएन मधु सहित नेहरू युवा केंद्र के अधिकारी गण उपस्थित थे।
इस मौके पर मध्य प्रदेश के भोपाल जा रहे बच्चों के बीच आवश्यक पोशाक, शूज आदि किट सीआरपीएफ 7वीं बटालियन के सीईओ द्वारा अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में प्रदान किया गया। गौरतलब है कि, भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा चलाए जा रहे इस कार्यक्रम के तहत पूर्व में नेहरू युवा केंद्र के सहयोग से कुल 13 बार बच्चों को देश के विभिन्न हिस्सों में भ्रमण के लिए भेजा गया है, जो कि शत-प्रतिशत सफल रहा है।
इसी परिप्रेक्ष्य में यहां 14वीं जनजाति युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों को मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल भ्रमण हेतु भेजा गया।

इस बाबत सीआपीएफ 7वीं बटालियन के सीईओ गिल एवं कमांडेंट आलोक रंजन ने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भ्रमण के साथ ही साथ जा रहे बच्चों के बीच दूसरे राज्यों की सभ्यता, संस्कृति, बोलचाल, वेशभूषा, रहन सहन की जानकारी एकत्र करना है।
साथ ही साथ विभिन्न राज्यों में हो रही तकनीकी एवं औद्योगिक प्रगति कौशल विकास रोजगार आदि के साथ-साथ वहां की विरासत आदि की भी जानकारी को प्राप्त करना है, ताकि बच्चे यहां वापस अपने घर लौट कर अपने लोगों के बीच इसका प्रसार करें।
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