विजय कुमार साव/गोमियां/(बोकारो)। गोमियां प्रखंड (Gomian block) के हद में मां-बाप द्वारा खुद से नवजात बच्चियों को दूर करने पर बाल संरक्षण विभाग ने मामले को संज्ञान में लिया है। इसे लेकर बाल संरक्षण विभाग की एक टीम 6 अप्रैल को साड़म केवट टोला पहुंचकर मामले की गहनता से जांच पड़ताल की।
जानकारी के अनुसार बीते दिनों साड़म केवट टोला निवासी मयंन केवट (Mayn kevat) की पत्नी ने दो जुड़वा बेटियों को जन्म दिया। उसे तीन बेटियां पहले से है और एक बेटा भी है। फिर जुड़वा पुत्री के जन्म से पूरा परिवार हतोत्साहित हो गया। गरीबी के कारण इनका पालन पोषण कैसे होगा। मन में कुछ ख्याल भी आया। दूसरे दिन सुबह होते ही दोनों नवजात बच्चियों को दो अलग-अलग लोगों ने गोद ले लिया। जिसमें एक कसमार चंडीपुर के उनके रिश्तेदार ही हैं। जबकि दूसरा साड़म के ही एक दंपत्ति ने अपने रिश्तेदार के यहां बच्चा ना होने के कारण एक बच्ची को ले लिया। ताकि उन बच्चों को अच्छी परवरिश हो सके और एक बेहतर जीवन जीने का रास्ता मिले।
इस घटना की जानकारी बाल संरक्षण विभाग को मिली। मामले को संज्ञान में लेते हुए विभाग हरकत में आई। बेरमो शाखा टीम के सदस्य निहारिका गौतम एवं सादिक अंसारी 6 अप्रैल को पीड़िता के घर पहुंचे और बच्चों को रेस्क्यू करने की बात कही। इस संबंध में बेरमो पदाधिकारी शशीकांत सिंह ने बताया कि बच्चों के गोद लेने और देने की कानूनी प्रक्रिया होती है। इसके लिए पीड़ित परिवार को विभागीय स्तर पर मदद की जाएगी।
245 total views, 1 views today