गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर से 15 किमी दूर सारण जिले के पहलेजाघाट के कस्मर टोले से बीते साल 1 अक्टूबर को गायब चार वर्षीय वच्चा आनन्द कुमार गायब होने के बाद 11 माह बाद महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले केअलीबाग थाने के रायबारी गांव से बरामद कर उसके माता पिता को सौंप दिया गया। इस कार्य में सोनपुर व् रायगढ़ पुलिस की सराहनीय भूमिका रही।
घटना के सम्बंध में सोनपुर थाने की पुलिस ने बताया की चार वर्षीय आनन्द कुमार की गुमशुदगी की सूचना उसके पिता राजेश साह ने पहलेजा ओपी को दी थी। जिसके आधार पर सोनपुर पुलिस में थाना में कांड क्रमांक-576/21 दर्ज मामले में अनुसंधान शुरू किया।
पुलिस के अनुसार कांड दर्ज होने पर पुलिस ने सन्देह के आधार पर राजेश साह की पड़ोसी आशा देवी से पूछताछ की। पुलिस के भय से उसने बताया कि उसने 56 हजार रुपये में हाजीपुर थाने के गदाई सराय की अपनी चचेरी बहन किरण देवी से आनन्द कुमार को बिक्री कर दिया। पुलिस ने किरण देवी और उसके पुत्र को गिरफ़्तार किया, लेकिन आनन्द की बरामदगी नहीं हुई।
बताया जाता है कि पुलिस की थर्ड डिग्री के बाद आरोपी किरन देवी ने बताया कि उसने बच्चे को वैशाली थाने के मिस्रौलिया गांव के संजीव कुमार को 2 लाख 80 हजार रुपये में बिक्री कर दिया। पुलिस ने जब छापा मारा तो बच्चा वहां से भी बरामद नहीं हुआ।
पुलिस ने संजीव कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ किया तो उसने बच्चे को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के रायबारी गांव के ज्योति भालचन्द्र बानकर के हाथों 5 लाख में बिक्री कर दिए जाने की बात पुलिस को बताई।
इस जानकारी के बाद सारण एसपी के आदेश पर बच्चे की बरामदगी के लिये पहलेजाघाट ओपी प्रभारी के नेतृत्व में एक पुलिस टीम गठित कर महाराष्ट्र भेजा गया। स्थानीय पुलिस के सहयोग से लापता आनन्द को बरामद कर पुलिस ने उसके माता पिता को सौंप दिया।
बताया जाता है कि आनन्द जब गायब हुआ था तब उसकी उम्र 4 वर्ष थी। अब वह 5 वर्ष का हो गया है। पुलिस के अनुसार आनन्द कुमार बहुत अच्छी मराठी में बात करता है, लेकिन अपनी माँ को देखते ही दौर कर उसकी गोद मे चला गया। आनन्द की बरामदगी में पुलिसकर्मियों द्वारा की गई कार्यवाही की आम जनता सराहना कर रही है।
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