रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन के सहयोग से सहयोगिनी संस्था द्वारा बोकारो जिले के धार्मिक स्थलों में बाल विवाह मुक्त क्षेत्र घोषित करने से संबंधित पोस्टर लगाकर स्थानीय धर्म गुरुओं को इस अभियान से जोड़ा जा रहा है।
इस संबंध में सहयोगिनी के निदेशक गौतम सागर ने बताया कि बोकारो जिले के 200 गांव में बाल विवाह मुक्ति को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत विभिन्न गतिविधियों के साथ-साथ धार्मिक स्थलों में जागरूकता का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम उम्र लड़कियों की तथा 21 वर्ष से कम उम्र लड़कों की शादी में धर्मगुरु जैसे पंडित, मौलवी, मांझी हाडम, पादरी, आदि की भूमिका अहम हैं। कहा कि इन्हीं के माध्यम से अधिकांश शादी होती है। बाल विवाह अधिनियम के तहत विवाह में शामिल सभी अतिथियों पर मुकदमा चल सकता है। इसी को ध्यान रखते हुए सभी धर्म गुरुओं को जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इस दौरान जिले के लगभग सभी मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च तथा सरना स्थल में बाल विवाह मुक्त क्षेत्र घोषित करने का पोस्टर धर्म गुरुओं के साथ मिलकर लगाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि संस्था द्वारा बाल विवाह के खिलाफ आम नागरिक सहित शिक्षक, विद्यार्थी, स्टेकहोल्डर के साथ जागरुकता का कार्य किया जा रहा है। इस अभियान में सभी हितधारकों का सहयोग मिल रहा है। इस अभियान में सहयोगिनी के सन्नी कुमार, मंजू देवी, सोनी कुमारी, विकास कुमार, रवि कुमार राय, अनिल हेंब्रम आदि सक्रिय रूप से शामिल थे।
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