एस. पी. सक्सेना/रामगढ़ (झारखंड)। झारखंड के रामगढ़ जिला के हद में गोला प्रखंड के नेमरा गांव में 16 फरवरी को संथाल समाज की पारंपरिक कुठ कटी रीति से नाइके चयन की प्रक्रिया की गयी। इस मौके पर खुद राज्य के मुख्यमंत्री (सीएम) हेमंत सोरेन मौजूद रहे। ज्ञात हो कि सीएम का पैतृक गांव नेमरा है।
बताया जाता है कि 16 फरवरी की दोपहर लगभग 1:30 बजे सीएम का हेलीकॉप्टर नेमरा के स्थायी हेलीपैड पर उतरा, जहां पुलिस प्रशासन ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। हेलीपैड से वे सीधे अपने पैतृक घर पहुंचे, परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर लगभग दो बजे आमसभा स्थल पर पहुंचे। खास बात यह कि सीएम सोरेन नायके चयन प्रक्रिया में शुरुआत से लेकर आखिर तक शामिल रहे।
सर्वसम्मति से चेतन टुडू बनाये गये नाइके बाबा
रहिवासियों द्वारा बताया गया कि नायके बाबा सोहन सोरेन के त्यागपत्र के बाद यह आमसभा बुलाई गई थी। गांव और समाज के गणमान्य जनों की मौजूदगी में सर्वसम्मति से चेतन टुडू को नया नाइके बाबा चुना गया। उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाई गई, हथियार देकर सम्मानित किया गया और विधिवत जिम्मेदारी सौंपी गई। कहा गया कि नाइके के तौर पर अब चेतन टुडू ग्राम देवताओं की पूजा, फसल और बारिश से जुड़े अनुष्ठान और सामाजिक-सांस्कृतिक आयोजनों की अगुवाई करेंगे। आमसभा में पहले से समाज में सक्रिय पदाधिकारियों में मांझी बाबा हेतंत सोरेन, प्राणिक बाबा बिरजू सोरेन, भादो राम बाबा सुखदेव किस्कू, कुड़म नाइके छुट्टू बेसरा और जोग मांझी विश्वनाथ बेसरा शामिल रहे।
इस अवसर पर नेमरा में सीएम के कार्यक्रम को देखते हुए गांव और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। हेलीपैड से लेकर सभा स्थल तक सुरक्षा घेरा बनाया गया था। मौके पर रामगढ़ के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) आशीष अग्रवाल, पुलिस उपाधिक्षक (डीएसपी) मुख्यालय चंदन वत्स, गोला के पुलिस इंस्पेक्टर पंकज कुमार, बीडीओ सुधा वर्मा, सीओ सीताराम महतो, बरलंगा थाना प्रभारी अशोक कुमार समेत कई अधिकारी मौके पर पूरी व्यवस्था पर नजर रखे थे।
बताया जाता है कि आयोजित कार्यक्रम सिर्फ परंपरा तक सीमित नहीं रहा। ग्रामीणों ने मौके का फायदा उठाते हुए अपनी समस्याएं सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के समक्ष रखी। सबसे ज्यादा मांग धान अधिप्राप्ति केंद्र खोलने को लेकर उठी। किसानों का कहना था कि स्थानीय स्तर पर केंद्र खुलेगा तो उन्हें अपनी उपज का सही दाम मिल सकेगा। क्षेत्र के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव और डॉक्टरों की उपलब्धता जैसे मुद्दे भी सामने आए। ओराडीह क्षेत्र की महिलाओं ने पेयजल संकट और बुनियादी सुविधाओं की समस्या बताई। महिला समिति की ओर से विकास कार्यों से जुड़े आवेदन सीएम को सौंपे गए। मुख्यमंत्री ने सभी आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को भेजते हुए जल्द कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
बताया जाता है कि नेमरा दौरे के दौरान सीएम सोरेन ने अपने चाचा श्रीकांत सोरेन से भी मुलाकात की, जो पिछले पांच वर्षों से लकवा ग्रस्त हैं। उनकी सेहत की जानकारी लेने के बाद सिविल सर्जन नवल कुमार को निर्देश दिया गया कि इलाज में किसी तरह की लापरवाही न हो। जरूरी दवाएं और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और नियमित मॉनिटरिंग हो।
ज्ञात हो कि संथाल समाज में नाइके का पद सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक रूप से भी बेहद अहम माना जाता है। गांव के बड़े फैसलों और अनुष्ठानों में उनकी भूमिका केंद्रीय होती है। सीएम हेमंत सोरेन की मौजूदगी में पूरे सम्मान के साथ पारंपरिक रीति-रिवाज निभाए गए। इससे ग्रामीणों में खास उत्साह देखने को मिला। रहिवासियों का कहना था कि यह सिर्फ एक चयन प्रक्रिया नहीं, बल्कि अपनी पहचान और परंपरा का सम्मान है।
आयोजित नायके चुनाव कार्यक्रम के दौरान कुछ समय के लिए बीएसएनएल टॉवर का सिग्नल बाधित हो गया, जिससे इंटरनेट सेवा प्रभावित रही। हालांकि इससे आयोजन पर कोई खास असर नहीं पड़ा और पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। मौके पर पंचायत के मुखिया जीतलाल टुडू, पूर्व मुखिया अनुज कुमार, कपिल महतो, हरण सिंह मुंडा, आलम अंसारी, बरतू करमाली, सुनील करमाली, फखरुद्दीन अंसारी, सूतरी पंचायत के मुखिया सतीश मुर्मू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण रहिवासी उपस्थित थे।
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