प्रहरी संवाददाता/रांची (झारखंड)। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के चमकते हॉल ने झारखंड के भविष्य की तस्वीर को और स्पष्ट कर दिया। झारखंड के मुख्यमंत्री (सीएम) हेमंत सोरेन ने इंफोसिस ग्लोबल के एक्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट आशीष कुमार दास से दावोस में मुलाकात की। यह सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं बल्कि उस संभावित बदलाव की कहानी बयां कर रही थी, जो तकनीक और एआई के जरिये राज्य के युवाओं और खनन क्षेत्र में बदलाव लाने वाला है।
इंफोसिस प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री सोरेन के काम और विजन की खुले दिल से सराहना की। विशेष रूप से युवाओं के री-स्किलिंग और डिजिटल कौशल विकास, टेक्नोलॉजी टॉवर की योजना और खनन क्षेत्र में डिजिटल हस्तक्षेपों पर जोर देने को प्रेरणादायक बताया। अधिकारी ने कहा कि उनकी सोच केवल तकनीकी नहीं, बल्कि हर युवा की क्षमता को नए आयाम देने वाली है।
बैठक में यह तय किया गया कि इंफोसिस के एआई आधारित डिजिटल समाधानों के जरिये खनन क्षेत्र की सुरक्षा, दक्षता और उत्पादकता को बढ़ाया जाएगा। फरवरी में इसके लिए एक वर्चुअल सत्र भी आयोजित किया जाएगा। यह कदम केवल उद्योगिक सुधार नहीं, बल्कि युवा रोजगार और कौशल विकास के लिए भी बड़ा अवसर है।
इंफोसिस ने सीएम और वरिष्ठ अधिकारियों को अपने हाउस में आने का निमंत्रण दिया। वहां कंपनी द्वारा विकसित एआई नवाचार और तकनीक आधारित परियोजनाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। यह सहयोग झारखंड में डिजिटल परिवर्तन, औद्योगिक प्रगति और युवाओं की क्षमता को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। इस मुलाकात के बाद कयास लगाया जा रहा है कि झारखंड अब केवल खनन और उद्योग के लिए ही नहीं, बल्कि डिजिटल और तकनीकी नवाचार के लिए भी तैयार है। युवा अब एआई, डिजिटल तकनीक और स्मार्ट कौशल के माध्यम से खुद को सशक्त बना सकेंगे।
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