आज से ही उमड़ने लगी सोनपुर के सूर्य मंदिर में दर्शनार्थियों की भीड़
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में हरिहरक्षेत्र तीर्थ सोनपुर में चार दिवसीय लोक आस्था का महापर्व छठ 25 अक्टूबर को नहाय- खाय के साथ आरंभ हो जायेगा।
सोनपुर नगर के नारायणी नदी किनारे घाटों पर छठ व्रत को लेकर साफ -सफाई की गई है। सोनपुर के पावन भूमि पर लोकसेवा आश्रम में अवस्थित भगवान सूर्य मंदिर में आज से ही भक्तों की भीड़ दर्शन – पूजन के लिए उमड़ने लगी है। यहां सुबह हो या शाम दोनों ही बेला में आरती के समय जय कश्यप नंदन, ॐ जय अदिति नंदन गायन से संपूर्ण वातावरण गूंजता रहता है।
इस बार कार्तिक माह में चार दिवसीय लोक पर्व छठ का शुभारंभ 25 अक्टूबर को नहाय – खाय से आरम्भ होगा। दूसरे दिन 26 अक्टूबर को खरना, 27 अक्टूबर को उदयाचल सूर्यदेव को पहला अर्घ्य तथा 28 अक्टूबर को अस्ताचल गामी सूर्य को अर्घ्य एवं व्रतियों के पारण के साथ 36 घंटे का यह निर्जला व्रत और महापर्व की पूर्णाहुति होगी।
सूर्य षष्ठी व्रत की पूर्व संध्या पर 24 अक्टूबर को बिहार प्रदेश उदासीन महामंडल के अध्यक्ष सह सोनपुर स्थित लोक सेवा आश्रम के व्यवस्थापक संत विष्णुदास उदासीन उर्फ मौनी बाबा तथा मंदिर परिसर में सूर्य मंदिर , शनि मंदिर के निर्माता और बजरंगबली मंदिर का निर्माण करा रहे अनिल सिंह गौतम ने बताया कि आश्रम स्थित सूर्य मंदिर में पूजा के लिए बिहार और दूसरे प्रदेशों से पहुंचनेवाले भक्तों के लिए प्रत्येक वर्ष व्यवस्था की जाती है।
इस बार भी पूर्ववर्ती वर्षों की भांति व्रतियों के बीच पूजन-सामग्री वगैरह का वितरण किया जायेगा। उन्होंने बताया कि भगवान सूर्य आरोग्य के देवता और नवग्रहों के राजा हैं। वे अपने भक्तों के जीवन से विघ्न- बाधा रुपी कालिमा का हरण कर जीवन को उजाले से भर देते हैं। इस भव्य मंदिर में भगवान् सूर्यदेव की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा 8 मई 2022 को की गयी थी। उन्होंने कहा कि सूर्यदेव व छठी मैया की एक साथ उपासना कर उनसे सुख, समृद्धि और आरोग्य का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।

बाबा हरिहरनाथ मंदिर एवं राधा कृष्ण मंदिर से सटे पूरब एवं गज – ग्राह चौक संत रामलखन दास मुख्य पथ पर अग्निगर्भा नदियों में पूजी जानेवाली मही नदी किनारे काली घाट-पहलेजा घाट मुख्य सड़क के उत्तरी किनारे लोकसेवा आश्रम में यह सूर्य मंदिर स्थित है। इस सूर्य मंदिर की कलात्मकता निराली है। मंदिर के गर्भ गृह से निकलने वाली दैवीय आभा भक्तों का हर कष्ट, दुःख-दर्द सहज ही हरण कर लेती है। इस मंदिर में आकर भगवान सूर्य का दर्शन -पूजन करने वाले एक नजर में ही कह उठते है, यह अलौकिक और अकल्पनीय है। ऐसा निर्माण और नक्काशी बिहार-झारखंड में और कहीं देखने को नहीं मिलता। बिहार झारखंड की बात करें तो कलात्मकता की दृष्टि से ऐसा आकर्षक मंदिर और कहीं नहीं है।
संकटमोचन मंदिर में छठ व्रतियों के बीच साड़ी का वितरण
मही नदी के दक्षिणी किनारे संकट मोचन मंदिर सबलपुर के सौजन्य से छठ व्रतियों के बीच 24 अक्टूबर को साड़ी सेट (पेटीकोट व् ब्लाउज सहित) का वितरण किया गया। सारण जिला धर्म जागरण के जिला संयोजक डॉ त्रिभुवन झा, मंदिर के अर्चक संजय दास, अभिषेक श्रीवास्तव, भोला नेता, संजीत कुमार के हाथों लगभग तीन दर्जन व्रतियों को साड़ी सेट प्रदान किया गया। धर्म जागरण के सारण जिला संयोजक डॉ त्रिभुवन झा ने बताया कि छठ पर्व श्रद्धा, संयम और आस्था का प्रतीक है।
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