वैशाली के ग्रामीण हलकों में घाटों पर छठ व्रतियों ने दी अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य

एस. पी. सक्सेना/वैशाली (बिहार)। सनातन लोक आस्था का पर्व छठ के पावन अवसर पर वैशाली जिला के ग्रामीण हलकों में भक्ति का सैलाब उमर पड़ा। कई जगहों पर विभिन्न तालाबों के तट तो कई ग्रामीण इलाकों में छठ व्रती अपने घरों के समीप कृत्रिम तालाब निर्मित कर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य दी। क्या शहरी और क्या ग्रामीण इलाके सभी जगहों पर एक सा नजारा दिखा।

जानकारी के अनुसार वैशाली जिला के हद में गंगा तथा नारायणी नदी तटों पर लोक आस्था का महापर्व छठ के तीसरे दिन 19 नवंबर की संध्या छठ व्रतियों की भारी भीड़ देखी गयी। नदी तटों के समीप भक्त जनों की अपार आस्था के कारण मेला सा नजारा बन गया।

छठ पर्व के पावन अवसर पर वैशाली जिला के हद में सेंदुआरी, पानापुर लंगा, कंसारा, दयालपुर, सरसई, कल्याणपुर, धरहारा, पोझियां, वैशाली गढ़, चकगढ़ो, काशीपुर, कुआरी बुजुर्ग, लोमा, डुमरी, लगुराव बिलन्दपुर, रानी पोखर हरपुर, बाजीतपुर आदि गांवो के जलाशयों (तालाबों) में छठ व्रतियों द्वारा स्नान कर अस्ताचलगामी भगवान भाष्कर को विधि पूर्वक अर्घ्य दिया गया तथा हवन कर संपूर्ण मानव समाज में अमन शांति की कामना की गयी।

वहीं इस पावन अवसर पर जमालपुर, जगदीशपुर, बिष्णुपुर तीतीढ़ा, गुमटी, राजापाकर, बहुआरा, अजमतपुर, चाँदपुरा, जन्दाहा, दिलावरपुर, चकौसन, बेलकुंडा, चकसैद, चपुता, दमोदरपुर, भकुरहर, गुरमियाँ आदि ग्रामीण हलकों में रहिवासियों द्वारा घरों के समीप दर्जनों कृत्रिम तालाबों का निर्माण किया गया, जहां छठ व्रतियों ने आस्था की डुबकी लगाकर अस्ताचलगामी भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया।

कई जगहों पर पूजन कार्यक्रम पुरोहितो द्वारा तो कई जगहों पर ग्रामीण विद्वान द्वारा विधि विधान से कथा वाचन कर पूजन कार्यक्रम संपन्न कराया गया। इस अवसर पर जगह जगह कर्णप्रिय छठ गीतों की प्रस्तुति श्रद्धालुओं को भाव विभोर कर दिया।

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