प्रहरी संवाददाता/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। वर्तमान में पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में प्रोजक्ट सेन्ट्रल स्कूल किरीबुरू के अध्ययन स्तर को देखते हुए बच्चो के भविष्य सुधारने हेतु एवं शिक्षा परिपक्व माहौल व विद्यालय को बुनियादी ढांचे से सुदृढ़ करना नितांत आवश्यक है। वर्तमान में इस विद्यालय में मात्र एक दर्जन शिक्षक सेवारत हैं। स्थायी रूप से कुछ ही शिक्षक कार्यरत तथा बाकी आधा दर्जन से भी ज्यादा शिक्षक अस्थायी रूप से शिक्षक का काम कर रहे है।
उक्त विद्यालय में बच्चों की संख्या मात्र 300 के आसपास है। सेल किरीबुरु प्रबंधन की उपेक्षा के कारण विद्यालय के स्थिति दिन प्रतिदिन बद से बदतर होती जा रही है।
उक्त तथ्यों को बड़ाजामदा क्षेत्र के समाजसेवी अरविन्द चौरसिया ने उजागर करते हुए 19 फरवरी को भेंट में कहा कि विद्यालय के अंदर की जर्जर हो रही बच्चो के कमरों के प्रति सेल प्रबंधन की उदासीनता समझ से परे है। अच्छी पढ़ाई एवं बच्चों के भविष्य संवारने की चिंता को लेकर समाजसेवी चौरसिया ने वर्तमान स्थिति को गंभीरता से लेते हुए विद्यालय के बच्चों के लिए विद्यालय संचालन की विधि व्यवस्था में परिवर्तन की मांग सेल किरीबुरु प्रबंधन से की है।
समाजसेवी चौरसिया ने कहा कि उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था बनाए रखने हेतु तथा विद्यालय में अध्यनरत छात्रों के भविष्य संवारने हेतु एकमात्र डीएवी ही ऐसी संस्था है जो बच्चों को हर दृष्टिकोण से चरित्र निर्माण के साथ अच्छी शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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