ममता सिन्हा/तेनुघाट (बोकारो)। झालसा रांची के निर्देश पर गिरिडीह न्याय मंडल में आम जनों के बीच विधिक जागरूकता एवं विधिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से न्याय रथ -सह- चलंत वाहन को जिले में जनवरी माह के लिए भेजा गया है।
इसे लेकर 13 जनवरी को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह वीणा मिश्रा के मार्गदर्शन में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 13 जनवरी को डुमरी प्रखंड परिसर में विधिक जागरूकता सह साक्षरता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में सदस्य स्थाई लोक अदालत सतेन्द्र नारायण सिंह एवं रिटेनर अधिवक्ता फ्रंट कार्यालय गिरिडीह ने उपस्थित होकर आम जनों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी।
यहां जिला विधिक सेवा प्राधिकार के विभिन्न कार्यक्रम जैसे नेशनल लोक अदालत, मासिक लोक अदालत, स्थाई लोक अदालत, मध्यस्थता केंद्र, निःशुल्क अधिवक्ता प्रदान करने, कोर्ट फीस प्रदान करने, विक्टीम कंपनसेशन स्कीम इत्यादि योजनाओं के बारे में आम रहिवासियों को जानकारी दी गयी।
जानकारी देते हुए उन्हें इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क करने का सुझाव दिया गया। कार्यक्रम संबोधित करते हुए केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में जानकारी साझा किया गया। इस दौरान आम जनों के बीच पंपलेट का वितरण कर विधिक जागरूकता किया गया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह सौरव कुमार गौतम ने तमाम बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों, एनजीओ कर्मियों, आम जनों से अपील किया कि वे अपने अपने स्तर से भी अपने क्षेत्रों में प्रचार प्रसार करें, ताकि झालसा के इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके तथा समाज के अंतिम तबके में रहने वाले तक सक्षम, सुलभ एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराया जा सके।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सदस्य स्थाई लोक अदालत गिरिडीह सतेन्द्र नारायण सिंह, रिटेनर अधिवक्ता फ्रंट कार्यालय गिरिडीह गौरी शंकर सहाय, मुखिया प्रतिनिधि चैनपुर संतोष महतो, वार्ड सदस्य सरिता कुमारी, पारा लीगल वालंटियर्स दिलीप कुमार, मोहन राम, केदार महतो, प्रेमचंद महतो, संगीता कुमारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह के सहायक ताबिश जहुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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